एलयूसीसी चिटफंड घोटालाः सीबीआई की बड़ी कार्रवाई! 25 करोड़ की 23 संपत्तियां अटैच, निवेशकों की रकम लौटाने की प्रक्रिया तेज
देहरादून। चर्चित एलयूसीसी (LUCC) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों की करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य की 23 संपत्तियों को अटैच कर दिया है। स्पेशल बड्स (BUDS) एक्ट के तहत विशेष न्यायालयों ने इन संपत्तियों को जब्त करने की अनुमति प्रदान कर दी है। सीबीआई की इस कार्रवाई को लाखों निवेशकों के हितों की सुरक्षा और घोटाले में फंसी रकम की वसूली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार अटैच की गई संपत्तियों में छह संपत्तियां उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित हैं, जबकि 16 संपत्तियां उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हैं। इसके अलावा एक संपत्ति मुंबई में भी खरीदी गई थी। जांच एजेंसी का मानना है कि ये संपत्तियां घोटाले से अर्जित धन से खरीदी गई थीं और इनमें से कई संपत्तियां अन्य लोगों के नाम पर भी दर्ज की गई हैं।
419 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में जुटी सीबीआई
सीबीआई ने पिछले वर्ष नवंबर माह में उत्तराखंड में दर्ज 18 शिकायतों के आधार पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। शुरुआती जांच में घोटाले की रकम करीब 800 करोड़ रुपये बताई गई थी। हालांकि जांच के दौरान सामने आया कि लगभग 400 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस किए जा चुके थे। वर्तमान में सीबीआई की जांच के अनुसार घोटाले की शेष राशि लगभग 419 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि एलयूसीसी कंपनी ने आकर्षक बचत योजनाओं और ऊंचे रिटर्न का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया था। बाद में कंपनी निवेशकों की रकम लौटाने में विफल रही, जिससे हजारों लोग आर्थिक संकट में फंस गए।
अब तक सात आरोपी गिरफ्तार
सीबीआई इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार घोटाले का मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल वर्तमान में दुबई में रह रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कई संपत्तियां अपने नाम के बजाय अन्य लोगों के नाम पर खरीदी थीं। सीबीआई को आशंका है कि आरोपी इन संपत्तियों को बेचकर जांच और कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश कर सकता है। इसी को देखते हुए संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया। साथ ही एजेंसी अभी अन्य संपत्तियों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया में भी जुटी हुई है।
उत्तराखंड शासन ने भी बनाई थी विशेष टीम
घोटाले में शामिल संपत्तियों को अटैच करने के लिए उत्तराखंड शासन ने हाल ही में तीन अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। शासन और सीबीआई के संयुक्त प्रयासों के बाद विशेष न्यायालयों से अनुमति प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि मुकदमे का अंतिम निस्तारण होने और आरोपियों के दोषी साबित होने के बाद इन संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। नीलामी से प्राप्त धनराशि का उपयोग प्रभावित निवेशकों को उनका पैसा लौटाने के लिए किया जाएगा।
1.60 लाख निवेशकों से हुई थी ठगी
जांच में सामने आया है कि एलयूसीसी कंपनी ने देशभर में लगभग 1.60 लाख लोगों को छोटी-छोटी बचत योजनाओं, निवेश योजनाओं और अधिक मुनाफे का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था। बड़ी संख्या में ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों ने अपनी जमा पूंजी कंपनी में निवेश की थी। जब कंपनी भुगतान करने में असफल रही तो विभिन्न राज्यों में इसके खिलाफ शिकायतों का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद मामला जांच एजेंसियों तक पहुंचा और अब सीबीआई इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।