उत्तराखण्डः अधिकारियों के सामने छलका बुजुर्ग महिला का दर्द! पोती पर उत्पीड़न और घर से बेदखल करने की कोशिश का लगाया आरोप, बोलीं- लिव इन में...
देहरादून। जिला प्रशासन के समाधान दिवस में सोमवार को एक 75 वर्षीय वृद्ध महिला की फरियाद ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वृद्धा ने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे की मृत्यु के बाद उनकी पोती गलत संगति में पड़ गई है और अब उनका मानसिक उत्पीड़न करते हुए पुश्तैनी मकान से बेदखल करने का प्रयास कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने महिला सेल को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। समाधान दिवस में पहुंची वृद्ध महिला ने बताया कि उनके बड़े बेटे का कोविड-19 महामारी के दौरान निधन हो गया था, जबकि छोटे बेटे की भी पिछले वर्ष मृत्यु हो गई। इसके बाद वह अपने पुश्तैनी मकान में अकेली रह रही हैं। उनका आरोप है कि उनकी पोती नशे और गलत संगति की गिरफ्त में आ गई है तथा अपने एक पुरुष मित्र के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में उसी मकान में रह रही है। वृद्धा का कहना है कि पोती लगातार उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही है और उन्हें घर से बाहर निकालने का दबाव बना रही है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए महिला सेल प्रभारी को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। समाधान दिवस में इस मामले के अलावा भी कई अन्य शिकायतें सामने आईं। विधवा भगवान देई ने आरोप लगाया कि संपत्ति का बराबर बंटवारा होने के बावजूद उनका छोटा बेटा और बहू बड़े बेटे के हिस्से की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं तथा उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर और सीओ रायपुर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, कांवली रोड निवासी एक व्यक्ति ने अपने पुत्र और बहू पर मारपीट तथा गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए बड़े पुत्र को अपनी चल और अचल संपत्ति से बेदखल करने की मांग की। इस प्रकरण में जिलाधिकारी ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में कुल 109 फरियादियों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।