उत्तराखण्डः मसूरी पालिका बोर्ड बैठक में जबरदस्त हंगामा! लेनदेन के आरोपों पर सभासद धरने पर बैठे, पर्यटन प्रभारी ने इस्तीफे की पेशकश की

Uttarakhand: Uproar at Mussoorie Municipal Board meeting! Councilors stage a sit-in over allegations of financial impropriety; Tourism In-charge offers to resign.

मसूरी। नगर पालिका परिषद मसूरी की मंगलवार को आयोजित बोर्ड बैठक उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब बैठक शुरू होते ही सभासद सचिन गुहेर ने अपने ऊपर लगाए जा रहे कथित पैसों के लेनदेन के आरोपों का विरोध करते हुए सदन के बीच धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते कई अन्य सभासद भी उनके समर्थन में धरने पर बैठ गए, जिससे बोर्ड बैठक की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई और सदन का माहौल बेहद गर्म हो गया। सभासद सचिन गुहेर के समर्थन में पवन थलवाल, विशाल खरोला, अमित भट्ट, गौरी थपलियाल, रुचिता गुप्ता, बबीता मल्ल और शिवानी भारती भी धरने पर बैठ गए। सभी सभासदों ने आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि बिना जांच के किसी भी जनप्रतिनिधि की छवि धूमिल करना उचित नहीं है। हंगामे के बीच सदन में पर्यटन प्रभारी चंद्रप्रकाश (सीपी) बडोनी के खिलाफ भी आवाजें तेज हो गईं। कुछ सभासदों ने बैरियर से होने वाली आय और कथित लेनदेन को लेकर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर दी। इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के सभासद आमने-सामने आ गए, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बढ़ते विवाद के कारण कुछ समय तक बैठक की कार्यवाही बाधित रही। स्थिति लगातार बिगड़ती देख पर्यटन प्रभारी चंद्रप्रकाश बडोनी ने सदन में अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। इसके बाद माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ और धरने पर बैठे सभासदों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया। इसके बाद बोर्ड बैठक की कार्यवाही दोबारा शुरू हो सकी और विभिन्न विकास कार्यों तथा अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद पर्यटन प्रभारी चंद्रप्रकाश बडोनी ने कहा कि उन्होंने सभासदों और पूरे बोर्ड के सम्मान को देखते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में नगर पालिका के बैरियर से होने वाली आय में लगातार वृद्धि हुई है और बैरियर संचालन में किसी भी प्रकार का घोटाला या वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो वह जवाबदेही से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय नगर पालिका अध्यक्ष को लेना है और यदि पद छोड़ना पड़े तो वह उसके लिए भी तैयार हैं। उनका कहना था कि वह किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि कुछ सभासदों द्वारा पर्यटन प्रभारी को लेकर लेनदेन संबंधी आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई अथवा किसी भी निर्णय पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और पारदर्शिता के साथ पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।