ऊधम सिंह नगरः किच्छा के खुरपिया फार्म में खुल सकता है अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान! सांसद अजय भट्ट के प्रस्ताव पर राज्य सरकार ने तेज की पहल
रुद्रपुर/किच्छा। उत्तराखंड में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। केंद्रीय बजट में देशभर में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाने की घोषणा के बाद अब ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा स्थित खुरपिया फार्म में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) का चिकित्सालय एवं शोध संस्थान स्थापित करने की मांग जोर पकड़ रही है। इस संबंध में नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव गणपत राव जाधव से मुलाकात कर खुरपिया फार्म में संस्थान स्थापित किए जाने का आधिकारिक प्रस्ताव सौंपा था। सांसद अजय भट्ट के प्रस्ताव के बाद अब राज्य सरकार ने भी इस दिशा में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटचा के साथ बैठक कर प्रस्तावित संस्थान के लिए राज्य में उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने उत्तराखंड के पक्ष को मजबूती से रखते हुए कहा कि राज्य की आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा की समृद्ध परंपरा इसे इस तरह के विश्वस्तरीय संस्थान की स्थापना के लिए उपयुक्त बनाती है। राज्य सरकार की ओर से यह भी पक्ष रखा गया कि ऋषिकेश को दुनिया की योग राजधानी के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल है। ऐसे में उत्तराखंड में अखिल भारतीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना होने से राज्य की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई दिशा मिल सकती है।
संस्थान के जरिए आयुर्वेद शिक्षा, उच्च स्तरीय शोध और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए चिकित्सा पर्यटन की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं। किच्छा के खुरपिया फार्म में संस्थान स्थापित करने के प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों की ओर से सकारात्मक रुख सामने आया है। प्रस्तावित स्थल के पास एम्स सैटेलाइट सेंटर होने के कारण भविष्य में यह क्षेत्र आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावना भी जताई जा रही है। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में शोध और नवाचार को भी बढ़ावा मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर इस प्रस्ताव को स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ रोजगार और आर्थिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि खुरपिया फार्म में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना को मंजूरी मिलती है, तो इससे क्षेत्र में आयुर्वेद से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों और शोध गतिविधियों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का मानना है कि खुरपिया फार्म में ऐसा संस्थान स्थापित होने से ऊधम सिंह नगर ही नहीं, बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र को लाभ मिलेगा। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार और आयुष मंत्रालय के स्तर पर प्रस्ताव को मिलने वाली मंजूरी पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो यह उत्तराखंड को आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।