रुद्रपुर में एलएलबी छात्रा की संदिग्ध मौत! पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल, जज कॉलोनी में हुई मौत पर पर्दा क्यों? पोस्टमार्टम तक की जानकारी नहीं

Suspicious death of an LLB student in Rudrapur! Questions raised over police silence—why the secrecy surrounding the death in Judge Colony? No information available even regarding the post-mortem.

रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर से एक बेहद संवेदनशील और सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, यहां एलएलबी की पढ़ाई कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामला न्यायालय परिसर से जुड़े परिवार का होने के कारण अब इस पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मृतका रुद्रपुर न्यायालय में एडीजे तृतीय के स्टैनो के पद पर तैनात कर्मचारी की पुत्री बताई जा रही है। वह एलएलबी की छात्रा थी और एक वरिष्ठ अधिवक्ता के यहां इंटर्नशिप भी कर चुकी थी। सोमवार देर शाम संजयनगर खेड़ा स्थित पूर्व न्यायालय परिसर की आवासीय कॉलोनी में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। कुछ स्थानीय सूत्र आत्महत्या की आशंका जता रहे हैं, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद भी पुलिस की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। जिला अस्पताल या अन्य किसी माध्यम से पोस्टमार्टम को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने पर न्यायिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन इसके बावजूद मामले की स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। मंगलवार को जिला न्यायालय में इस घटना के चलते कार्य प्रभावित रहा और अधिवक्ताओं के बीच भी इस विषय को लेकर चर्चा होती रही। स्थानीय अधिवक्ताओं और नागरिकों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर यही घटना किसी सामान्य या आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के साथ होती, तो क्या अब तक सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो चुकी होतीं? फिलहाल, यह मामला कई अनुत्तरित सवालों के बीच घिरा हुआ है, क्या यह आत्महत्या है या फिर किसी अन्य घटना का परिणाम? सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। लेकिन एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की घटनाओं पर पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

आवाज़ इंडिया प्रशासन और पुलिस से अपील करता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए, ताकि किसी भी तरह की आशंका और भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।