इस देश में फटा ज्वालामुखी! 6 किलोमीटर ऊंचाई तक उठा राख का विशाल गुबार, पूरे देश में ऑरेंज अलर्ट! हजारों लोगों पर मंडराया खतरा

Volcano erupts in this country! Massive ash plume rises 6 kilometers high; orange alert issued nationwide! Thousands face potential danger.

नई दिल्ली। मध्य अमेरिका के देश ग्वाटेमाला में स्थित दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में शामिल फुएगो ज्वालामुखी में सोमवार को हुए भीषण विस्फोट के बाद पूरे देश में ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया गया। ज्वालामुखी से निकली राख का विशाल गुबार लगभग छह किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया, जबकि लावा लगातार बाहर निकल रहा है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू कर दिया है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ज्वालामुखी की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। फुएगो ज्वालामुखी ग्वाटेमाला की राजधानी ग्वाटेमाला सिटी से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। सोमवार सुबह शुरू हुई ज्वालामुखीय गतिविधि शाम तक और अधिक तीव्र हो गई। अधिकारियों के अनुसार ज्वालामुखी से लगातार राख, गर्म गैसें और लावा निकल रहा है, जिससे आसपास के कई क्षेत्रों में राख की मोटी परत जमने लगी है। प्रशासन ने लोगों को घरों के भीतर रहने, मास्क का उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वालामुखी पहले की तुलना में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है। इसके कारण इसकी ढलानों से गर्म राख, चट्टानें और मलबा तेज गति से नीचे आ सकता है, जिससे आसपास के गांवों और बस्तियों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसी संभावना को देखते हुए राहत एवं बचाव एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सुरक्षा उपायों के तहत ज्वालामुखी के निकट स्थित दो क्षेत्रों में स्कूलों की ऑफलाइन पढ़ाई अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। इसके अलावा दक्षिणी तटीय क्षेत्र को ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एंटीगुआ से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी एहतियातन बंद कर दिया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। करीब 3,763 मीटर ऊंचा फुएगो ज्वालामुखी मध्य अमेरिका के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है। यह पहले भी कई बार विनाशकारी विस्फोट कर चुका है। वर्ष 2024 में हुए विस्फोट के दौरान 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था, जबकि 2023 में लगभग 1,200 लोगों को विस्थापित करना पड़ा था। वहीं 2018 में हुए भीषण विस्फोट ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 215 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग लापता हो गए थे। ग्वाटेमाला प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जो दुनिया का सबसे अधिक भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधियों वाला इलाका माना जाता है। यही कारण है कि यहां समय-समय पर ज्वालामुखी सक्रिय होते रहते हैं। फिलहाल वैज्ञानिक फुएगो ज्वालामुखी की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से केवल सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, अफवाहों से बचने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि ज्वालामुखी की सक्रियता और बढ़ती है तो ऑरेंज अलर्ट को और उच्च स्तर पर भी ले जाया जा सकता है।