उत्तराखंड:मतदाता सूची से नाम काटने की साजिश? नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उठाए सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश की मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाने के लिए दाखिल किए जा रहे फॉर्म-7 को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सुनियोजित हमला बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
यशपाल आर्य ने कहा कि 3 अगस्त 2026 के फॉर्म-10 के ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार केवल बाजपुर विधानसभा के भाग संख्या 27, 142 और 149 में ही 93 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 दाखिल किए गए हैं। उनका दावा है कि इसी तरह की शिकायतें प्रदेश की अन्य विधानसभा क्षेत्रों से भी सामने आ रही हैं, जिससे किसी संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका पैदा होती है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि यदि फर्जी आपत्तियों के आधार पर बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की गंभीर कोशिश है। उन्होंने राज्य सरकार से पूछा कि आखिर इस तरह की गतिविधियों को किसका संरक्षण प्राप्त है।
यशपाल आर्य ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर मांग की है कि प्रदेश के सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएं कि फर्जी या दुर्भावनापूर्ण तरीके से फॉर्म-7 दाखिल करने वाले व्यक्तियों या किसी संगठित गिरोह की पहचान कर उनके खिलाफ निर्वाचन कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं, उन्हें नियमानुसार फॉर्म-13 और जिन मतदाताओं के नाम हटाने का आवेदन किया गया है, उन्हें फॉर्म-14 के तहत अनिवार्य नोटिस जारी कर निष्पक्ष और पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम एकतरफा तरीके से मतदाता सूची से न हटाया जा सके।
नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी संगठित गिरोह ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से फर्जी आपत्तियां दाखिल की हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।


यशपाल आर्य ने चेतावनी दी कि कांग्रेस प्रदेश के प्रत्येक मतदाता के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी पूरे प्रदेश में व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम काटने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा और लोकतंत्र से खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।