नैनीताल:अधिकारी हो या नेता SIR की ज़द में हर कोई! कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और विधायक सरिता आर्या के घर भी पहुंचा नोटिस!लिंक में पढ़ें पूरा मामला
नैनीताल। निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत नैनीताल जिले में मतदाता सत्यापन का काम तेज़ी से चल रहा है। घर-घर पहुंच रहे बीएलओ और सत्यापन केंद्रों पर उमड़ रही भीड़ इस अभियान की गंभीरता को दिखा रही है। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में आम नागरिक ही नहीं, बल्कि बड़े प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं।
नर्सरी स्कूल स्थित SIR सत्यापन केंद्र पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में मतदाता अपने दस्तावेजों के सत्यापन के लिए पहुंचे। कई लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। बुजुर्ग मतदाताओं ने व्यवस्था को और सरल बनाने तथा अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान ही सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर लिए जाते, तो लोगों को दोबारा केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
इस बीच अभियान के दौरान एक दिलचस्प तस्वीर भी सामने आई। आम लोगों की तरह कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और नैनीताल विधायक सरिता आर्या के आवास पर भी SIR नोटिस पहुंचा। विधायक सरिता आर्या को दिए गए नोटिस में उनसे और उनके छोटे बेटे से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। वहीं आयुक्त दीपक रावत के आवास पर भी निर्वाचन आयोग की ओर से सत्यापन नोटिस भेजा गया। इसके अलावा शहर के कई अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
उधर, नैनीताल की विधायक सरिता आर्या ने कहा कि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया का सभी को पालन करना चाहिए और आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध करानी चाहिए।
वहीं एसडीएम नवाजिश खालिक ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सभी पर समान रूप से लागू है। चाहे वह आम मतदाता हो, जनप्रतिनिधि हो या किसी उच्च प्रशासनिक पद पर कार्यरत अधिकारी, सत्यापन सभी के लिए अनिवार्य है।