किच्छा: वोटर लिस्ट पर भाजपा और कांग्रेस में छिड़ा सियासी संग्राम! विधायक तिलक राज बेहड़ के आरोपों पर पूर्व विधायक शुक्ला का पलटवार
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जिले की किच्छा विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण और संशोधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक खींचतान बेहद तेज हो गई है। मामला उस समय गरमा गया जब भाजपा नेता राजेश तिवारी द्वारा किच्छा विधानसभा क्षेत्र के 8,184 मतदाताओं के नामों पर दर्ज कराई गई आपत्तियों के बाद कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने भाजपा पर सत्ता का दुरुपयोग करने और वैध मतदाताओं के नाम कटवाने का गंभीर आरोप लगाया।
किच्छा विधानसभा की मतदाता सूची को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। 8,184 मतदाताओं के नामों पर भाजपा नेता राजेश तिवारी की ओर से आपत्तियां लगाए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप के अगले दौर में पहुंच गया है। कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने जहां इसे सत्ता के दुरुपयोग से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा था, वहीं पूर्व विधायक और भाजपा नेता राजेश शुक्ला ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है। राजेश शुक्ला ने किच्छा विधानसभा क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूचियों को सामने रखते हुए दावा किया कि कुछ मतदाताओं के नाम और फोटो दोनों स्थानों पर समान दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों की जांच होना जरूरी है और यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है तो निर्वाचन नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए चल रही प्रक्रिया का विरोध करने के बजाय राजनीतिक दलों को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि गलत या डुप्लीकेट नामों को हटाने की कार्रवाई का विरोध केवल वोट बैंक की राजनीति के चलते किया जा रहा है। उनका कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटना चाहिए, लेकिन एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज होने जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं, इस पूरे मामले की शुरुआत भाजपा नेता राजेश तिवारी की ओर से किच्छा विधानसभा के 8,184 वोटों पर आपत्तियां दर्ज कराने से हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने भाजपा पर सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। उन्होंने मतदाता सूची को लेकर भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित कार्रवाई बताया था। अब राजेश शुक्ला ने कांग्रेस विधायक के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी या डुप्लीकेट नाम हैं तो उनकी पहचान और जांच निर्वाचन प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए जरूरी है। राजेश शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक तिलक राज बेहड़ ने राजनीतिक मुद्दे को व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि बहस का केंद्र मतदाता सूची में मौजूद संभावित विसंगतियां होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत बयानबाजी। किच्छा में मतदाता सूची को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अब दोनों दलों की नजर निर्वाचन प्रक्रिया पर टिकी है। आने वाले दिनों में आपत्तियों की जांच और संबंधित मतदाताओं के दस्तावेजों के सत्यापन से तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल, वोटर लिस्ट का मुद्दा किच्छा की राजनीति में बड़ा चुनावी मुद्दा बनता नजर आ रहा है।