काशीपुर में एक और जमीनी विवादः करोड़ों की जमीन के सौदे में धोखाधड़ी! बैंक लोन अप्लाई करने पर खुला राज, शिकायत करने पर मारपीट का भी आरोप! पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
काशीपुर। ऊधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर से करोड़ों रुपये की जमीन के सौदे में कथित धोखाधड़ी और विरोध करने पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जसपुरखुर्द, काशीपुर निवासी अनिल कुमार डाबरा ने काशीपुर निवासी पुनीत सिंघल और उनकी मां निशा सिंघल के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार जमीन के सौदे में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ था। आरोप है कि बाद में जमीन के दस्तावेजों में विसंगतियां सामने आने पर पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी पक्ष ने कथित तौर पर टालमटोल शुरू कर दी। इसी विवाद के बीच 19 अप्रैल 2026 को आरोपित पुनीत सिंघल पर बेसबॉल के डंडे से हमला करने का आरोप है। शिकायतकर्ता के मुताबिक हमले में उसके चार दांत टूट गए और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। शिकायत में अनिल कुमार डाबरा ने बताया कि वह जसपुरखुर्द, काशीपुर के रहने वाले हैं और पुनीत सिंघल को पहले से जानते थे। आरोप है कि पुनीत सिंघल ने अपनी मां निशा सिंघल के साथ मिलकर ग्राम धनौरी पट्टी, तहसील काशीपुर स्थित खसरा संख्या 33 और 37 की करीब 1.416 हेक्टेयर भूमि को अपनी वर्ग-1 क की संक्रमणीय भूमि बताते हुए बेचने की पेशकश की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसे बताया गया था कि जमीन पूरी तरह पाक-साफ है और उस पर किसी बैंक का ऋण या अन्य भार नहीं है।
20.21 करोड़ रुपये में तय हुआ जमीन का सौदा
शिकायत के मुताबिक मौके पर जमीन दिखाने के साथ वर्तमान खतौनी की छायाप्रति भी उपलब्ध कराई गई। पुनीत सिंघल को पहले से जानने के कारण अनिल कुमार ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। इसके बाद जमीन का सौदा करीब 20 करोड़ 21 लाख रुपये में तय हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार इस सौदे में उसका रामनगर के ग्राम मनोरथपुर बासीटीला स्थित साझेदारी वाला रिसोर्ट भी शामिल था। रिसोर्ट की कीमत करीब 11 करोड़ रुपये आंकी गई थी। तय हुआ था कि जमीन के एवज में रिसोर्ट की भूमि पुनीत सिंघल के नाम रजिस्ट्री की जाएगी और शेष रकम अलग-अलग चरणों में अदा की जाएगी। शिकायत में कहा गया है कि 17 जुलाई 2025 को करीब एक करोड़ रुपये बतौर बयाना दिया गया। इसमें 26 लाख रुपये बैंक आरटीजीएस के माध्यम से और 74 लाख रुपये नकद दिए जाने का उल्लेख है। इसी दिन शिकायतकर्ता की पत्नी कविता डाबरा के साथ एक इकरारनामा भी निष्पादित किया गया। इकरारनामे के अनुसार सौदे की प्रक्रिया के तहत शिकायतकर्ता के साझेदारी वाले रिसोर्ट की कुछ जमीन पहले पुनीत सिंघल के नाम किए जाने पर सहमति बनी थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके तहत 2 फरवरी 2026 को रामनगर के बासीटीला स्थित खसरा संख्या 75 में से 1205 वर्गमीटर भूमि की पंजीकृत बिक्री विलेख के जरिए पुनीत सिंघल के नाम रजिस्ट्री कराई गई। शिकायतकर्ता के अनुसार इस विक्रय विलेख में वर्णित प्रतिफल के चेक भी पुनीत सिंघल को प्राप्त हुए थे। आरोप है कि इकरारनामे के समय यह तय हुआ था कि विक्रय विलेख में दर्ज करीब 7.10 करोड़ रुपये के चेक बाद में शिकायतकर्ता को वापस कर दिए जाएंगे, लेकिन आरोप है कि ये चेक आज तक वापस नहीं किए गए।
बैंक से लोन लेने पहुंचा तो सामने आई दस्तावेजों की गड़बड़ी
शिकायत के मुताबिक असली विवाद तब सामने आया, जब अनिल कुमार ने पुनीत सिंघल की बताई गई धनौरी पट्टी की जमीन खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू की। बैंक ने जमीन की वर्तमान खतौनी उपलब्ध कराने को कहा। इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने तहसील से खसरा संख्या 33 और 37 की ताजा खतौनी निकलवाई तो उसे कथित तौर पर पता चला कि भूमि से जुड़े खसरा नंबरों में अंतर है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे जिस भूमि के दस्तावेज दिखाए गए थे, उनमें और तहसील से प्राप्त अभिलेखों में अंतर सामने आया। इसके बाद उसने पुनीत सिंघल से इस संबंध में बातचीत की और अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि इसके बाद पुनीत सिंघल ने रकम लौटाने के बजाय टालमटोल शुरू कर दी। अनिल कुमार ने शिकायत में आरोप लगाया कि रकम और रजिस्ट्री में दिए गए चेक वापस मांगने पर पुनीत सिंघल ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद उसे लगातार भय में रहना पड़ा। इसके बाद 19 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5ः45 बजे वह अपने एक मित्र के साथ रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान उसका सामना पुनीत सिंघल से हो गया। शिकायत के अनुसार अनिल कुमार ने पुनीत सिंघल से कथित धोखाधड़ी को लेकर बात की और अपनी रकम वापस करने की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक बातचीत के दौरान पुनीत सिंघल कथित तौर पर आगबबूला हो गया। आरोप है कि उसने अपनी कार से बेसबॉल का डंडा निकाला और अनिल कुमार पर हमला कर दिया। हमले में उसके मुंह और शरीर पर गंभीर चोटें आईं तथा शिकायतकर्ता के अनुसार उसके चार दांत टूट गए। घटना के बाद उसने अपने मित्र मनीष श्रीवास्तव को फोन कर पूरी जानकारी दी। शिकायत के मुताबिक अनिल कुमार को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल काशीपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका मेडिकल किया। दांतों में गंभीर चोट को देखते हुए उसे जसपुरखुर्द, काशीपुर स्थित दंत चिकित्सक के पास रेफर किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके शरीर पर चोटों के उपचार के लिए टांके भी लगाए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद उसने काशीपुर पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि पुनीत सिंघल के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद आरोपी के हौसले और बढ़ गए और वह कथित तौर पर शिकायतकर्ता तथा उसके परिवार को लगातार धमकाने लगा। अनिल कुमार ने पुलिस से अपनी शिकायत में कहा है कि उसके साथ करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी हुई है और इकरारनामे की शर्तों का भी पालन नहीं किया गया। साथ ही उस पर और उसके परिवार पर लगातार खतरा बना हुआ है। उसने आशंका जताई है कि पुनीत सिंघल उसके या उसके परिवार के साथ कोई गंभीर वारदात कर सकता है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पुनीत सिंघल पुत्र स्वर्गीय प्रमोद कुमार सिंघल और निशा सिंघल पत्नी स्वर्गीय प्रमोद कुमार सिंघल, निवासी ग्राम प्रतापपुर, तहसील काशीपुर, ऊधम सिंह नगर के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।