उत्तराखण्डः रुड़की कैंटीन संचालक हत्याकांड! पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी सौरभ के पैर में लगी गोली, दो साथी भी गिरफ्तार
रुड़की। हरिद्वार जिले के रुड़की में शराब कैंटीन संचालक अमन हत्याकांड के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। नगला इमरती क्षेत्र में पुलिस और बाइक सवार तीन संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। उसके दो साथी मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस की कॉम्बिंग के बाद दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाश की पहचान सौरभ पुत्र देशराज निवासी ढंडेरा के रूप में हुई है। पुलिस उसे अमन हत्याकांड का मुख्य आरोपी बता रही है। पूछताछ में सौरभ ने वारदात में अपने साथ दो अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी। दरअसल, शुक्रवार 21 अगस्त की रात सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के ढंडेरा में 26 वर्षीय शराब कैंटीन संचालक अमन की बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कीं। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नगला इमरती गांव के पास बाइक पर तीन संदिग्ध युवक मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नगला इमरती क्षेत्र में घेराबंदी की और बाइक सवार तीनों युवकों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से पुलिसकर्मियों में भी अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। उसके दो साथी अंधेरे और मौके की स्थिति का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल बदमाश को पुलिस ने कब्जे में लेकर उपचार के लिए रुड़की के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद फरार आरोपियों की तलाश में आसपास के इलाके में बड़े स्तर पर कॉम्बिंग अभियान चलाया गया। पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाश की पहचान सौरभ के रूप में हुई। पूछताछ में उसने अमन की हत्या में खुद समेत तीन लोगों के शामिल होने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने उसके दोनों साथियों की तलाश और तेज कर दी। लगातार चलाए गए कॉम्बिंग अभियान के बाद पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्पित सैनी (19) पुत्र कुलबीर सैनी निवासी ग्राम ठसका, कोतवाली मंगलौर और दीप यादव (19) पुत्र जोगिंदर यादव निवासी माता वाला हसन बाग, कस्बा लंढौरा, कोतवाली मंगलौर के रूप में हुई है। पुलिस अब तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच टीम वारदात में इस्तेमाल हथियार, बाइक और हत्या के पीछे की वजह समेत अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के मुताबिक, नगला इमरती के पास तीन संदिग्धों के होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हुआ, जबकि फरार हुए दोनों आरोपियों को भी पुलिस टीम ने बाद में गिरफ्तार कर लिया।
कांवड़ मेले में चेन झपटमारी करने वाले दो आरोपी भी गिरफ्तार
इधर, हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ मेले के दौरान ज्वालापुर क्षेत्र में चेन झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से झाड़ियों में छिपाकर रखी गई पीली धातु की चेन बरामद की है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रहने वाले हैं। आरोप है कि कांवड़ मेले के दौरान भारी भीड़ का फायदा उठाकर दोनों ने चेन झपटमारी की वारदात को अंजाम दिया और इसके बाद मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम गुप्ता और राहुल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, शिवम गुप्ता का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ चोरी, लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत 13 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। दूसरे आरोपी राहुल के आपराधिक इतिहास की भी पुलिस जांच कर रही है।