महंगाई का डबल अटैक: एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जेब पर भारी बोझ

Inflation's Double Whammy: Petrol and Diesel Prices Hiked for the Second Time in a Week, Placing a Heavy Burden on Pockets.

आम जनता को महंगाई से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर तगड़ा उछाल आया है, जिसने आम आदमी के बजट को पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है। तेल कंपनियों ने एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार ईंधन के दामों में बढ़ोतरी कर जनता को बड़ा झटका दिया है। ताजा फैसले के तहत पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर करीब 90 पैसे का इजाफा किया गया है।

ईंधन के दामों में यह बढ़ोतरी इसलिए ज्यादा चुभने वाली है क्योंकि महज तीन दिन पहले ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि की थी। इस तरह देखा जाए तो पिछले एक हफ्ते के भीतर ही तेल की कीमतें लगभग 4 रुपये तक बढ़ चुकी हैं। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों में भारी असंतोष है। इस नई बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली सहित तमाम बड़े शहरों में ईंधन के दाम आसमान छूने लगे हैं। दिल्ली में अब पेट्रोल ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹91.58 प्रति लीटर मालभाड़े और स्थानीय टैक्स (VAT) के कारण देश के अन्य राज्यों और शहरों में यह कीमतें 100 रुपये के पार पहुंच चुकी हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमतों में 90 पैसे की इस ताजा बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ेगा। डीजल महंगा होने से फल, सब्जियां, दूध और राशन जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम बढ़ने तय हैं। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो उनके पास मालभाड़ा बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा, जिसका अंतिम बोझ उपभोक्ता की जेब पर ही आएगा। सुबह जब लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंचे, तो बदली हुई कीमतों ने उनके होश उड़ा दिए। आम उपभोक्ताओं का कहना है कि एक तरफ कमाई नहीं बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ हर दूसरे-तीसरे दिन ईंधन के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। इससे न सिर्फ गाड़ियों का खर्च बढ़ गया है, बल्कि रसोई का बजट भी पूरी तरह डगमगा गया है। आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सुधार नहीं हुआ, तो आम जनता को महंगाई के कुछ और कड़े डोज झेलने पड़ सकते हैं। फिलहाल, इस डबल अटैक से जनता त्रस्त है और सरकार से दखल की मांग कर रही है।