बिग ब्रेकिंगः अभिषेक बनर्जी के घर पुलिस की दबिश! मेन गेट का ताला तोड़ घुसी टीम, गुस्साए अभिषेक बनर्जी ने पूछा- तलाशी में कुछ मिला?

 Big Breaking: Police raid Abhishek Banerjee's residence! The team broke the main gate lock to enter; an angry Abhishek Banerjee asked, "Did you find anything during the search?"

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल मच गई जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पहुंच गई। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मियों को तेज कर दिया। पुलिस ने कथित तौर पर मुख्य द्वार का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया। इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी तत्काल अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंच गईं। जानकारी के अनुसार, कोलकाता पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक सुमित रॉय की तलाश में उनके आवास पहुंची थी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में की गई। पुलिस ने लगभग पांच घंटे तक आवास परिसर में तलाशी अभियान चलाया और विभिन्न पहलुओं की जांच की। पुलिस कार्रवाई के बाद अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जांच एजेंसियां किसी व्यक्ति की तलाश कर रही थीं, तो क्या उन्होंने उसे अपने घर में छिपाकर रखा था? उन्होंने कहा कि उनके पूरे घर की तलाशी ली गई है और अब यह जांच एजेंसियां ही बता सकती हैं कि उन्हें वहां क्या मिला। अभिषेक ने आरोप लगाया कि जिस तरीके से कार्रवाई की गई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा में कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले को लेकर सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ की थी। गुरुवार को भवानी भवन में हुई पूछताछ करीब पांच घंटे से अधिक समय तक चली थी।

सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारियों ने उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिनके जवाबों को लेकर एजेंसी पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखाई दी। पूछताछ के दौरान कई बार माहौल तनावपूर्ण भी हो गया और अभिषेक ने कुछ सवालों पर नाराजगी भी जाहिर की। सीआईडी ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए अभिषेक बनर्जी को एक बार फिर 14 जून को दोपहर 12 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि मामले से जुड़े कुछ तथ्यों और दस्तावेजों पर और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी पेशी और जांच से जुड़ी गोपनीय जानकारी लगातार मीडिया में लीक की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है और इस मामले को लेकर वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि यदि किसी जांच एजेंसी को उनसे पूछताछ करनी है तो वह पूरी तरह सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन जांच से जुड़ी सूचनाओं का सार्वजनिक होना और राजनीतिक माहौल तैयार करना उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिए कि इस पूरे मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उधर, राज्य में जांच एजेंसियों की कार्रवाई केवल अभिषेक बनर्जी तक सीमित नहीं रही। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को टीएमसी विधायक मदन मित्रा के दक्षिणेश्वर स्थित आवास पर भी छापेमारी की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई चर्चित भर्ती घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई। ईडी अधिकारियों ने दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की तलाश में आवास पर व्यापक जांच की। भर्ती घोटाला पहले से ही पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है और इस मामले में कई नेताओं, अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के नाम सामने आ चुके हैं। ऐसे में मदन मित्रा के घर हुई ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक ही दिन में टीएमसी के दो प्रमुख नेताओं से जुड़े घटनाक्रमों ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है। एक ओर अभिषेक बनर्जी के घर पुलिस की तलाशी और दूसरी ओर मदन मित्रा के आवास पर ईडी की कार्रवाई ने विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर को और तेज कर दिया है।