किराया विवादः उत्तराखण्ड में शर्मनाक हरकत! टैक्सी ड्राइवर को जूतों की माला पहनाकर किया अपमानित, वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल! एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में चार पर मुकदमा
लोहाघाट। चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर किराया विवाद के चलते एक टैक्सी चालक के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसके गले में जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ लोहाघाट से दिल्ली जाने वाले यात्रियों से लिए जाने वाले टैक्सी किराए को लेकर बताई जा रही है। आरोप है कि डूंगरा बोरा निवासी एक टैक्सी चालक लंबे समय से यात्रियों को पुरानी दरों पर दिल्ली तक सेवा उपलब्ध करा रहा था। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बावजूद उसने किराए में वृद्धि नहीं की थी, जिसके चलते यात्रियों के बीच उसकी अच्छी पहचान बन गई थी। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर कुछ अन्य टैक्सी चालक उससे नाराज चल रहे थे। आरोप है कि बुधवार को देवराड़ी बैंड के पास उसका वाहन रोक लिया गया और उसे घेरकर विवाद शुरू कर दिया गया। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और चालक के साथ मारपीट की गई। पीड़ित चालक का आरोप है कि उसके साथ गाली-गलौज की गई, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इतना ही नहीं, उसके गले में जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल वीडियो से भड़का जनाक्रोश
वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी व्यक्ति को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना कानून और मानवता दोनों के खिलाफ है। घटना के वायरल होने के बाद मामला तेजी से पुलिस और प्रशासन के संज्ञान में आया। लोगों ने इसे केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और मानव गरिमा से जुड़ा गंभीर अपराध बताया।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप, एसपी के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित चालक ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसे न केवल पीटा गया, बल्कि उससे कथित तौर पर 50 हजार रुपये की मांग भी की गई। उसने आरोप लगाया कि यदि वह अन्य चालकों की बात नहीं मानता तो उसे व्यवसाय करने नहीं दिया जाएगा। पीड़ित के अनुसार, उसके साथ की गई कार्रवाई का उद्देश्य उसे डराना और दबाव बनाकर किराया बढ़ाने के लिए मजबूर करना था। उसने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक रेखा यादव तक पहुंचने के बाद उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद आदर्श थाना लोहाघाट पुलिस ने आरोपी सोहन सिंह, हरीश बोहरा, वीरेंद्र सिंह और मोहन चंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट, आईटी एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रही हैं और जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
पीड़ित के समर्थन में थाने पहुंचे लोग
घटना के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग लोहाघाट थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। अनुसूचित जाति समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि किसी चालक ने प्रतिस्पर्धा के बीच यात्रियों को कम किराए पर सेवा देने का निर्णय लिया है, तो इसके लिए उसे प्रताड़ित करना या अपमानित करना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। इधर घटना के बाद टैक्सी किराया निर्धारण का मुद्दा भी चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग को इस मामले की जांच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किराया निर्धारण पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो। लोगों का मानना है कि यदि कोई चालक यात्रियों की सुविधा के लिए कम किराए पर सेवा दे रहा है तो उसे धमकाने या दबाव बनाने की बजाय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और वायरल वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।