नेपाल में फिर भड़का 'Gen-Z'! जिसको सत्ता पर बैठाया उसी के खिलाफ सड़कों पर उतरा युवा, एक फैसले से सुलगने लगा काठमांडू
काठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। शहर की सड़कों पर हजारों युवाओं का प्रदर्शन, सरकार विरोधी नारों की गूंज और लगातार बढ़ते तनाव ने राजधानी के हालात को गंभीर बना दिया है। जिस युवा वर्ग, विशेषकर 'Gen-Z', के समर्थन को काठमांडू के मेयर बालेन शाह की लोकप्रियता का प्रमुख आधार माना जाता था, वही अब उनके प्रशासनिक फैसलों के खिलाफ खुलकर मैदान में उतर आया है। विवाद की जड़ काठमांडू महानगर द्वारा झुग्गी बस्तियों को हटाने की कार्रवाई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गरीब, भूमिहीन और झुग्गीवासी परिवारों को बिना किसी ठोस पुनर्वास योजना के उनके आशियानों से बेदखल किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन पहले लोगों के रहने की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के बजाय सीधे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है, जिससे हजारों परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। पिछले कई दिनों से झुग्गी हटाने की कार्रवाई के विरोध में चल रहा आंदोलन अब केवल विस्थापन तक सीमित नहीं रह गया है। यह धीरे-धीरे सरकार और प्रशासन की नीतियों के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। राजधानी के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार गरीबों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के बजाय बलपूर्वक कार्रवाई कर रही है। स्थिति उस समय और अधिक विस्फोटक हो गई जब शुक्रवार को विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए एक अस्थायी होल्डिंग सेंटर में बाढ़ का पानी घुस गया। इस घटना में लगभग 150 लोग सेंटर के भीतर फंस गए। राहत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल उठने लगे। अगले दिन जब Gen-Z से जुड़े कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन वहां की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने पहुंचे, तब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें एक युवा कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके चेहरे पर गहरी चोटें आईं। इस घटना के बाद राजधानी में आक्रोश और तेज हो गया। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक सरकार और महानगर प्रशासन के खिलाफ विरोध का माहौल बन गया है। प्रदर्शनकारी सरकार से तत्काल झुग्गी हटाने की कार्रवाई रोकने, विस्थापित परिवारों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था करने तथा पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं।