रानीबाग चौपाटी विवाद गरमायाः पहाड़ी आर्मी ने दिया सात दिन का अल्टीमेटम! मंदिर समिति की भूमि पर अतिक्रमण हटाने और एफआईआर की उठाई मांग

Ranibagh Chaupati dispute escalates: Pahadi Army issues seven-day ultimatum! Demands removal of encroachment on temple committee land and the filing of an FIR.

हल्द्वानी। नैनीताल जिले के रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर संचालित चौपाटी को लेकर विवाद अब तेज होता जा रहा है। पहाड़ी आर्मी ने इस मुद्दे पर खुलकर विरोध जताते हुए शासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर चौपाटी को हटाकर मंदिर समिति की भूमि से कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। शनिवार को संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में रानीबाग चित्रशिला घाट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में पहाड़ी आर्मी ने कहा कि रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट कत्युरी समाज की कुलदेवी माता जियारानी और गार्गी गंगा तट से जुड़ा एक अत्यंत पवित्र धार्मिक स्थल है। ऐसे स्थान पर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के विपरीत किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि या निर्माण स्वीकार्य नहीं हो सकता। संगठन का आरोप है कि मंदिर समिति की भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण कर चौपाटी संचालित की जा रही है, जिससे धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच रही है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति की भूमि को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर चौपाटी को ध्वस्त नहीं किया गया और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो पहाड़ी आर्मी पूरे पहाड़ी हिंदू समाज को साथ लेकर सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि यह मामला केवल अतिक्रमण का नहीं, बल्कि पहाड़ी समाज की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। हरीश रावत ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों की नजर मंदिर समिति की भूमि पर है और चौपाटी की आड़ में जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि मंदिर समिति की भूमि पर कथित अतिक्रमण करने वालों के साथ-साथ अनुमति देने वाले संबंधित अधिकारियों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठन ने विशेष रूप से जिला पंचायत अधिकारी की भूमिका की जांच करते हुए उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते उचित कार्रवाई नहीं करता है, तो यह आंदोलन केवल हल्द्वानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे कुमाऊं मंडल और राज्य स्तर पर व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। इस प्रदर्शन में पहाड़ी आर्मी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल, महिला जिला अध्यक्ष प्रेम मेर, नगर अध्यक्ष कविता जीना, जिला उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह राणा, संगठन महामंत्री मोहन बोरा, महिला जिला उपाध्यक्ष, युवा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सालाकोटी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष विनोद नेगी, कैलाश डालाकोटी, अनुराग भारतीय आदि मौजूद रहे।