व्यूज की भूख पड़ी भारीः सोशल मीडिया पर वायरल होने के जुनून ने पहुंचा दिया थाने! रुद्रपुर में पुलिस से भिड़ने वाले दो भाईयों की कहानी ने चौंकाया, मिलियन व्यूज के लिए किया था हंगामा?

The hunger for views backfires: The obsession with going viral on social media lands two brothers at the police station! The story of the siblings who clashed with the police in Rudrapur has caused a

रुद्रपुर। सोशल मीडिया पर वायरल होने और अधिक से अधिक व्यूज बटोरने की होड़ अब युवाओं को कानून से टकराने तक ले जा रही है। लाइक, शेयर और फॉलोअर्स बढ़ाने की इस अंधी दौड़ का ताजा मामला ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर से सामने आया है, जहां पुलिस से जानबूझकर विवाद करना दो युवकों को महंगा पड़ गया। यातायात चेकिंग के दौरान चालान की कार्रवाई से नाराज होकर दो सगे भाइयों ने पुलिस टीम से अभद्रता की, सरकारी कार्य में बाधा डाली और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ का प्रयास किया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की और पूछताछ के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर आहूजा धर्मशाला के सामने ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर (टीएसआई) राम सिंह अपनी टीम के साथ नियमित वाहन चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान बिना हेलमेट बाइक चला रहे चंदन यादव को रोककर चालान की प्रक्रिया शुरू की गई। आरोप है कि चालान की कार्रवाई शुरू होते ही चंदन यादव पुलिसकर्मियों से उलझ गया और टीएसआई के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और मौके पर उसका भाई दीपक यादव भी पहुंच गया। आरोप है कि दोनों भाइयों ने पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस की, सरकारी कार्य में बाधा डाली और मौके पर खड़ी सरकारी बाइक के साथ भी तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। घटना के कारण कुछ देर के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और लगभग एक घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

दोनों भाइयों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
टीएसआई राम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने चंदन यादव और दीपक यादव के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक के साथ अभद्रता, धमकी देने तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों ने बाद में अपने व्यवहार पर माफी मांगी। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें थाने से ही जमानत दे दी गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली बात
पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। जानकारी के अनुसार, चंदन यादव ने स्वीकार किया कि उसने यह हंगामा सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और फॉलोअर्स पाने के उद्देश्य से किया था। उसने बताया कि कुछ महीने पहले डीडी चौक पर चालान के दौरान दीपक यादव का विवाद हो गया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने देखा था। उस वीडियो के वायरल होने के बाद दीपक के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई थी। इसी अनुभव के आधार पर उसने शनिवार को पुलिस के साथ विवाद किया। पूछताछ में चंदन ने बताया कि उसका मानना था कि यदि चालान कट भी जाएगा तो अधिकतम एक हजार रुपये का नुकसान होगा, लेकिन यदि विवाद का वीडियो वायरल हो गया तो उसे लाखों या करोड़ों व्यूज मिल सकते हैं और उसके सोशल मीडिया अकाउंट के फॉलोअर्स तेजी से बढ़ जाएंगे। इसी सोच के चलते उसने इस बार भी हंगामा किया, लेकिन मामला उसके अनुमान से कहीं अधिक गंभीर साबित हुआ।

सोशल मीडिया की अंधी दौड़ पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करती है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ किस तरह युवाओं को जोखिम भरे और गैरकानूनी कदम उठाने के लिए प्रेरित कर रही है। कुछ लोग वायरल होने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने, कानून तोड़ने और सरकारी कर्मचारियों से टकराव जैसी घटनाओं को भी कंटेंट बनाने का माध्यम समझने लगे हैं। हांलाकि पुलिस का साफ संदेश है कि कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने या सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए सार्वजनिक शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रुद्रपुर की यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई है कि सोशल मीडिया पर कुछ मिनटों की प्रसिद्धि पाने की कोशिश कभी-कभी व्यक्ति को सीधे कानून के कटघरे तक पहुंचा सकती है।