उत्तराखण्डः पूर्व कैबिनेट मंत्री की पत्नी के खिलाफ दर्ज होगा केस! उपजिलाधिकारी ने दिए निर्देश, लिंक में जानें क्या है पूरा मामला?

Uttarakhand: Case to be registered against former cabinet minister's wife! Sub-Divisional Magistrate issues directives; click the link to find out the full story.

नई टिहरी। टिहरी जिले में कांग्रेस नेता एवं उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवाण की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने नई टिहरी के सी ब्लॉक स्थित भूखंडों पर कराई गई कथित अवैज्ञानिक खुदाई के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान की गई गहरी और अनियोजित खुदाई के कारण आसपास की जमीन धंस गई, जिससे सरकारी और निजी आवासों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन के अनुसार, नई टिहरी के सी ब्लॉक स्थित भूखंड संख्या पी-06 और पी-07 पर विकास कार्य के लिए कराई गई खुदाई के चलते क्षेत्र में भारी भू-धंसाव की स्थिति पैदा हो गई। ये दोनों भूखंड अंबिका सजवाण द्वारा मूल विस्थापित पात्र प्रमिला असवाल और पृथ्वीराज कवि से क्रमशः 60 और 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल में खरीदे गए थे। आरोप है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए गहरी खुदाई कराई गई, जिससे ऊपर स्थित सरकारी और निजी फ्लैटों की नींव प्रभावित हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर दी है और एहतियातन तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।

प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उपजिलाधिकारी ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए नई टिहरी कोतवाली पुलिस को अंबिका सजवाण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस को मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने को कहा गया है। इस मामले में शिकायतकर्ता बलबीर सिंह ने कहा कि पुनर्वास विभाग द्वारा करीब 27 वर्ष पहले गलत स्थान पर भूखंड आवंटित किए जाने का खामियाजा आज लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार खतरा बढ़ने के कारण प्रभावित परिवारों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट होना पड़ा है। उनकी शिकायत के आधार पर न्यायालय उपखंड मजिस्ट्रेट, टिहरी गढ़वाल के आदेश संख्या 02/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि क्षेत्र में उत्पन्न खतरे को देखते हुए तत्काल राहत एवं सुरक्षा के कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है तथा अनियोजित भू-कटान और संभावित नुकसान को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। उधर नई टिहरी कोतवाली के निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि एसडीएम के आदेश के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे,उनके आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।