बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामलाः सीसीटीवी फुटेज से मिले अहम सुराग! निर्णायक मोड़ पर पहुंची जांच, हो सकती है गिरफ्तारी

Badrinath Temple offering misappropriation case: Crucial clues found in CCTV footage! Investigation reaches a decisive turn; arrests likely.

देहरादून। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस जांच के दौरान मंदिर परिसर और चढ़ावे की गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि फुटेज में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) का निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल संदिग्ध परिस्थितियों में गणना कक्ष से बाहर निकलता दिखाई दे रहा है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान दो जुलाई की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को अपने कब्जे में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल उस दिन तीन अलग-अलग बार गणना कक्ष में प्रवेश करता दिखाई देता है। हर बार वह हाथ में कुछ सामान लेकर बाहर निकलता नजर आता है। उस समय मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और बहुमूल्य चढ़ावे की नियमित गणना की जा रही थी। जांच अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में आरोपित के हाथ में मोबाइल फोन के नीचे नोटों की गड्डी जैसी वस्तु दिखाई दे रही है। इसके अलावा उसके पास सोने-चांदी जैसे सिक्के और शालिग्राम जैसी धार्मिक वस्तु होने की भी बात सामने आई है। हालांकि बरामद सामग्री की वास्तविक प्रकृति की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी, लेकिन पुलिस इन्हीं दृश्यों को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर आगे की कार्रवाई कर रही है। शनिवार को भी पुलिस टीम बदरीनाथ मंदिर परिसर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अध्ययन किया। जिन स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी हैं, उन्हें आधार बनाकर बीकेटीसी के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कर्मचारी किन परिस्थितियों में बार-बार गणना कक्ष में गया और बाहर निकलते समय उसके पास मौजूद सामान का रिकॉर्ड क्या था। विवेचना अधिकारी घटना से पहले और बाद की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रहे हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित हेराफेरी किसी एक व्यक्ति तक सीमित थी या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है।

बीकेटीसी की आंतरिक जांच भी पूरी
पुलिस जांच के समानांतर बदरी-केदार मंदिर समिति ने भी अपनी विभागीय जांच पूरी कर ली है। समिति द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट जल्द ही मुख्य कार्याधिकारी  को सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में कई प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी पहलुओं का भी उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर आगे विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस उपाधीक्षक एवं विवेचना के पर्यवेक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही संदिग्ध गतिविधियों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है। संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ जारी है तथा घटना से पहले की रिकॉर्डिंग का भी गहन विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि जांच पूरी तरह तथ्यात्मक और निष्पक्ष हो सके।