हल्द्वानी का बेस अस्पताल बना रणक्षेत्र! इमरजेंसी वार्ड में घायल युवक के साथी पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला, सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक भगदड़

Haldwani's Base Hospital turns into a battleground! A companion of an injured youth was subjected to a life-threatening attack with a sharp-edged weapon inside the emergency ward; the terrifying stam

हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे व्यस्त चिकित्सा केंद्रों में से एक हल्द्वानी का बेस अस्पताल बीते दिन अचानक उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब इलाज कराने आए एक घायल युवक के गुट पर दूसरे गुट के हमलावरों ने अस्पताल परिसर के भीतर ही दोबारा जानलेवा हमला बोल दिया। गंभीर रूप से संवेदनशील माने जाने वाले इमरजेंसी वार्ड के ठीक बाहर हुई इस दुस्साहसिक वारदात से अस्पताल में मौजूद मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों सहित पूरे स्वास्थ्य स्टाफ में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर आरोपियों की धरपकड़ के लिए तलाश तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, इस पूरे बवाल की शुरुआत शहर के ठंडी सड़क इलाके से हुई थी, जहां दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर हिंसक मारपीट हुई। इस खूनी संघर्ष में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए बेस अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। लेकिन हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे घायल युवक का पीछा करते हुए सीधे अस्पताल परिसर तक पहुंच गए। आरोप है कि जैसे ही घायल युवक का साथी अनुज कुमार इमरजेंसी के बाहर खड़ा हुआ, तभी घात लगाकर आए हमलावरों ने उस पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अस्पताल जैसी सुरक्षित जगह पर अचानक हथियार चलने से वहां चीख-पुकार मच गई। इमरजेंसी वार्ड और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी वारदात और उसके बाद का खौफनाक मंजर साफ कैद हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि हमले के बाद किस तरह अस्पताल स्टाफ, तीमारदार और मरीज अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। कुछ ही पलों में पूरा इमरजेंसी परिसर अफरा-तफरी के माहौल में डूब गया। इस सनसनीखेज वारदात ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अगर अस्पताल के भीतर भी लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो वे कहाँ जाएंगे? घटना के बाद से ही पूरे अस्पताल में दहशत का माहौल है और सुरक्षा पुख्ता करने की मांग तेज हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अस्पताल और उसके आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है, साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर हमलावरों को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस दुस्साहसिक घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और तीमारदारों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी किसी भी हिंसक घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए अस्पताल परिसरों में पुलिस चौकी की मुस्तैदी और सुरक्षाकर्मियों की संख्या को तुरंत बढ़ाया जाए।