आंदोलन भी, अनुशासन भी! JPSC-JSSC आंदोलन में दिखी अनोखी मिसाल, छात्रों ने खुद बनाया ‘Code of Conduct’, बोले- मुद्दे पर रहो, मर्यादा में रहो,सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ

Movement and discipline! The JPSC-JSSC movement set a unique example. Students created their own "Code of Conduct," urging them to stay on topic and maintain decorum, drawing praise on social media.

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी बीच आंदोलन स्थल से सामने आया एक हाथ से लिखा पोस्टर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में ‘CODE OF CONDUCT’ लिखा है और नीचे आंदोलन में शामिल लोगों के लिए चार नियम तय किए गए हैं।

 

खास बात यह है कि इन नियमों में आंदोलन को उसके मूल मुद्दे तक सीमित रखने, किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप या आपत्तिजनक टिप्पणी से बचने और विरोध को संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे शांतिपूर्ण और अनुशासित विरोध की मिसाल बता रहे हैं।

मंच का इस्तेमाल सिर्फ आंदोलन के मुद्दे के लिए

पोस्टर में पहले नियम के तौर पर कहा गया है कि मंच का इस्तेमाल केवल आंदोलन के उद्देश्य के लिए किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय, राष्ट्र-विरोधी, राजनीतिक या जातिगत टिप्पणियों से बचने की बात कही गई है।

इसका मकसद साफ है कि आंदोलन के मंच को किसी अन्य विवाद, राजनीतिक बयानबाजी या व्यक्तिगत टिप्पणी का माध्यम न बनाया जाए और पूरी बात छात्रों की मांगों तक ही सीमित रहे।

मूल मुद्दों से न भटकने की अपील

दूसरे नियम में आंदोलन के मूल मुद्दों पर ही बात करने की बात कही गई है। छात्रों का मौजूदा प्रदर्शन JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे सवालों को लेकर है। ऐसे में पोस्टर के जरिए प्रदर्शनकारियों से इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखने की अपील की गई है।

किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं

तीसरे नियम में किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने या आपत्तिजनक टिप्पणी करने से बचने की बात कही गई है। यानी विरोध को किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ व्यक्तिगत अभियान में बदलने के बजाय व्यवस्था और संबंधित मुद्दों तक सीमित रखने का संदेश दिया गया है।

विरोध हो, लेकिन संवैधानिक तरीके से

चौथे और अंतिम नियम में आंदोलनकारियों से अपनी बात संवैधानिक तरीके से रखने की अपील की गई है। यानी छात्रों को अपने अधिकारों और मांगों के लिए आवाज उठाने के साथ-साथ विरोध की भाषा और तरीका भी मर्यादित रखने का संदेश दिया गया है।

सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा में आया पोस्टर?

आमतौर पर आंदोलनों की तस्वीरें नारों, बैनरों और प्रदर्शन के दृश्यों के कारण चर्चा में आती हैं। लेकिन इस बार रांची में हाथ से लिखा यह छोटा सा पोस्टर लोगों का ध्यान खींच रहा है।

पोस्टर की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कई लोग इसे इस बात की मिसाल बता रहे हैं कि किसी मांग को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए सिर्फ आक्रोश ही जरूरी नहीं, बल्कि अनुशासन और स्पष्ट सीमाएं भी महत्वपूर्ण हैं। कुछ यूजर्स इसे दूसरे आंदोलनों के लिए भी अनुकरणीय पहल बता रहे हैं।

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा प्रदर्शन

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग शामिल है।

आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की कोशिश भी शुरू हुई है। ऐसे में प्रदर्शन स्थल पर लगा यह हाथ से लिखा ‘Code of Conduct’ आंदोलन के भीतर तय किए गए अनुशासन और उसकी दिशा को लेकर सोशल मीडिया पर खासा ध्यान खींच रहा है।