पहाड़ के लाल ने छू लिया आसमान: अल्मोड़ा के रवि ने खुद के बनाए हेलीकॉप्टर से भरी उड़ान! भारत के पहले Personal Flying Vehicle की दिशा में कदम बढ़ाने का दावा, सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी युवा नवाचारक रवि टम्टा एक बार फिर अपने नए आविष्कार को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके स्टार्टअप Hapida Sky Private Limited द्वारा विकसित HAPIDA SKYNEX Prototype ने सफल परीक्षण उड़ान पूरी कर ली है। रवि ने इस उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए इसे भारत में Personal Flying Vehicle यानी व्यक्तिगत उड़ान वाहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रवि टम्टा का कहना है कि यह सफलता कई वर्षों की मेहनत, शोध, प्रयोग और लगातार किए गए संघर्ष का परिणाम है। उनके अनुसार भविष्य में परिवहन केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोग अपनी व्यक्तिगत यात्रा के लिए आसमान का भी उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सुरक्षित, इलेक्ट्रिक और आधुनिक तकनीक पर आधारित Personal Sky Mobility विकसित करना है, जिससे भविष्य की यात्रा अधिक तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बन सके। रवि टम्टा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में लिखा कि HAPIDA SKYNEX केवल एक मशीन नहीं है, बल्कि यह उनके लंबे समय से देखे गए सपने की पहली सफल उड़ान है। उन्होंने इसे भारत में पर्सनल स्काई मोबिलिटी के नए युग की शुरुआत बताया। उनका कहना है कि आने वाले समय में व्यक्तिगत उड़ान वाहनों की आवश्यकता बढ़ेगी और इसी दिशा में उनका स्टार्टअप लगातार अनुसंधान एवं विकास (Research & Development) कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जो आम लोगों के लिए भी भविष्य में सुलभ हो सके।

पहले भी कई नवाचारों से बटोर चुके हैं सुर्खियां
रवि टम्टा इससे पहले भी अपने कई अनोखे आविष्कारों के कारण चर्चा में रह चुके हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने एक इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन विकसित करने का दावा किया था। उस समय उनका कहना था कि इस तकनीक की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहद कम समय में चार्ज किया जा सकता है। उन्होंने हल्द्वानी में इसका प्रदर्शन भी किया था और दावा किया था कि यह पारंपरिक चार्जिंग तकनीक की तुलना में अधिक तेज और कम खर्चीली साबित हो सकती है। इसके अलावा रवि ने मोबाइल चार्ज करने वाले जूते, शुरुआती स्तर के हेलीकॉप्टर मॉडल और अन्य तकनीकी प्रयोग भी प्रस्तुत किए थे। उनके इन नवाचारों ने समय-समय पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें एक युवा इनोवेटर के रूप में पहचान दिलाई।
भविष्य की परिवहन व्यवस्था पर फोकस
रवि टम्टा का मानना है कि भविष्य की परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक और स्वायत्त (Autonomous) तकनीकों की बड़ी भूमिका होगी। उनका कहना है कि जिस तरह आज इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, उसी प्रकार आने वाले वर्षों में व्यक्तिगत उड़ान वाहन भी आम लोगों की पहुंच में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास केवल एक उड़ने वाली मशीन बनाना नहीं, बल्कि भारत को Personal Air Mobility के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है। इसी उद्देश्य के साथ उनकी टीम लगातार नए प्रयोग और तकनीकी सुधारों पर काम कर रही है। हालांकि, रवि टम्टा द्वारा किए गए इस दावे को लेकर फिलहाल किसी स्वतंत्र तकनीकी संस्था, विमानन विशेषज्ञ या नियामक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रमाणन सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय
यदि रवि टम्टा का यह प्रोटोटाइप आगे चलकर सफल तकनीकी परीक्षणों और नियामकीय प्रक्रियाओं को पूरा करता है, तो यह केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड और देश के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है। पहाड़ के एक युवा द्वारा भविष्य की तकनीक पर किया जा रहा यह प्रयास राज्य के अन्य युवाओं को भी नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकता है। फिलहाल HAPIDA SKYNEX की सफल परीक्षण उड़ान का दावा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।