द्वाराहाट में सरकारी मंच बना अखाड़ा: बहुद्देशीय शिविर में विधायक और भाजपा नेता के बीच तीखी नोकझोंक,भारी हंगामा

Government stage turns into an arena in Dwarahat: Heated exchange and massive uproar between MLA and BJP leader at a multi-purpose camp.

उत्तराखंड के द्वाराहाट में सोमवार को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित किया गया सरकार का बहुद्देशीय शिविर अचानक सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। शिविर के दौरान कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट और भाजपा नेता अनिल शाही के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद इस कदर बढ़ गया कि दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की मौजूदगी में काफी देर तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण शिविर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।

जानकारी के अनुसार, बहुद्देशीय शिविर में क्षेत्रीय जनता अपनी समस्याओं को लेकर पहुंची थी। इसी दौरान विधायक मदन सिंह बिष्ट स्थानीय जनसमस्याओं और विकास कार्यों के बजट से जुड़े किसी गंभीर मुद्दे पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से चर्चा कर रहे थे। विधायक का आरोप था कि क्षेत्र की जनता के जरूरी काम कराने के बजाय अधिकारी और सत्तापक्ष केवल झूठे आश्वासन दे रहे हैं। विधायक अभी अपनी बात रख ही रहे थे कि वहां मौजूद भाजपा नेता अनिल शाही बीच में बोल पड़े और यहीं से बहस की शुरुआत हो गई। विवाद ने तब और उग्र रूप ले लिया जब ब्लॉक प्रमुख आरती बिष्ट ने सरकारी मंच पर भाजपा के जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट की वीआईपी मौजूदगी पर खुलेआम सवाल खड़े कर दिए। ब्लॉक प्रमुख आरती बिष्ट ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा, "यदि सरकार के इस आधिकारिक और प्रशासनिक कार्यक्रम में किसी एक राजनीतिक दल के जिलाध्यक्ष को मंच पर विशेष स्थान दिया जा रहा है, तो क्षेत्र के अन्य सभी दलों के जिलाध्यक्षों को भी बुलावा भेजा जाना चाहिए था और उन्हें भी समान अवसर मिलना चाहिए था। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता अनिल शाही ने कहा कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और हमेशा जनता के हित में खड़े रहते हैं। उन्होंने विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने उन्हें समस्याओं के समाधान के लिए चुना है, न कि हंगामा करने के लिए। मंच से शुरू हुई यह बहस देखते ही देखते इतनी व्यक्तिगत और आक्रामक हो गई कि दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और पंडाल में हंगामा शुरू हो गया। भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट ने बीच-बचाव की कोशिश करते हुए कहा कि यह सरकार का जनहित कार्यक्रम है और सभी लोग यहां राजनीति करने नहीं बल्कि जनता की सेवा के उद्देश्य से आए हैं। इस पर विधायक मदन बिष्ट और ब्लॉक प्रमुख आरती बिष्ट ने दोटूक जवाब दिया कि "सरकार कभी किसी एक दल की नहीं होती, वह पूरी जनता की होती है। माहौल को बिगड़ता देख मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच जाकर उन्हें समझाने और शांत कराने का पुरजोर प्रयास किया। प्रशासनिक दखल और मान-मनौव्वल के बाद काफी देर से चल रहा यह सियासी घमासान शांत हो सका। बहरहाल, जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए लगा यह शिविर नेताओं की आपसी रंजिश और राजनीतिक दंगल के लिए पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।