अल्मोड़ा की बेटी ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान: राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ समारोह में करेंगी राज्य का प्रतिनिधित्व,देश भर से चुनी गईं 5 युवा कैडेट्स में बनाई जगह

Almora’s daughter brings pride to Uttarakhand: She will represent the state at the Rashtrapati Bhavan’s ‘At Home’ ceremony, having secured a spot among five young cadets selected from across the coun

अल्मोड़ा। उत्तराखंड की बेटियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाया है। 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस 2026) के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले अति-प्रतिष्ठित 'एट होम' रिसेप्शन में अल्मोड़ा की होनहार बेटी गर्विता भाकुनी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी।

स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उत्तराखंड के लिए गर्व की खबर सामने आई है। अल्मोड़ा की होनहार बेटी और एनसीसी कैडेट गर्विता भाकुनी का चयन राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘एट होम’ रिसेप्शन के लिए हुआ है। इस राष्ट्रीय समारोह में वह उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। खास बात यह है कि पूरे देश से केवल पांच युवा आपदा कैडेटों को इस सम्मानित कार्यक्रम के लिए चुना गया है, जिनमें उत्तराखंड से गर्विता भाकुनी ने अपनी जगह बनाई है। गर्विता भाकुनी अल्मोड़ा नगर के लोअर माल रोड, खोल्टा की निवासी हैं और वर्तमान में सोबन सिंह जीना परिसर, अल्मोड़ा में बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। वह पिछले दो वर्षों से 77 यूके बटालियन एनसीसी की सक्रिय कैडेट हैं। अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। कुछ समय पहले द्वाराहाट में आयोजित एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में गर्विता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘बेस्ट कैडेट’ का खिताब जीता था। शिविर के दौरान उन्होंने रिवर क्रॉसिंग, रैपलिंग, जुमारिंग और अन्य आपदा प्रबंधन से जुड़े कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें ‘बेस्ट डिजास्टर मैनेजमेंट कैडेट’ चुना गया। इसी उपलब्धि के आधार पर उनका चयन राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित समारोह के लिए किया गया। इस वर्ष उत्तराखंड के अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड से भी एक-एक युवा आपदा मित्र कैडेट को इस विशेष कार्यक्रम के लिए चुना गया है। ऐसे में देशभर के चुनिंदा पांच युवाओं में शामिल होना गर्विता के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए सम्मान की बात है। गर्विता एक साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता नवनीत भाकुनी निजी कार्य करते हैं, जबकि उनकी माता कमला भाकुनी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उनकी शिक्षा और सपनों को प्राथमिकता दी। गर्विता की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए गर्विता ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मान ने उन्हें आगे भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश सेवा तथा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने की नई प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वह जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं। गर्विता ने प्रदेश की बेटियों के नाम विशेष संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, "कभी खुद को कमजोर मत समझिए। अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दीजिए, मेहनत कीजिए और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहिए। सफलता जरूर मिलेगी।" उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे एनसीसी और आपदा प्रबंधन जैसे अभियानों से जुड़कर समाज और देश की सेवा में योगदान दें। गर्विता की इस उपलब्धि से सोबन सिंह जीना परिसर में खुशी का माहौल है। शिक्षकों, सहपाठियों और एनसीसी अधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे संस्थान के लिए गौरव का क्षण बताया है। वहीं अल्मोड़ा क्षेत्र के लोगों ने भी गर्विता और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रपति भवन के प्रतिष्ठित ‘एट होम’ समारोह में उत्तराखंड की बेटी की मौजूदगी न केवल राज्य का सम्मान बढ़ाएगी, बल्कि प्रदेश की हजारों बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी। यह उपलब्धि साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और कठिन परिश्रम से पहाड़ की प्रतिभाएं राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।