रुद्रप्रयाग में दर्दनाक हादसाः उफनते गदेरे में बही घास काटने गई महिला! डेढ़ घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद मिला शव
रुद्रप्रयाग। जिले के बसुकेदार क्षेत्र से रविवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। ग्राम स्वारा के नामी तोक क्षेत्र में घास काटने गई एक महिला अचानक उफनते गदेरे के तेज बहाव की चपेट में आ गई और बह गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों में चीख-पुकार मच गई, वहीं प्रशासन ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बचाव दल ने महिला का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार 2 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:32 बजे ग्राम प्रधान सेमकोटी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग को घटना की सूचना दी। बताया गया कि ग्राम स्वारा के तिमली क्षेत्र से आगे एक महिला घास लेने गई थी। इसी दौरान अचानक वह तेज बहाव वाले गदेरे की चपेट में आ गई और देखते ही देखते पानी के तेज बहाव में बह गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत और बचाव टीमों को मौके के लिए रवाना किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के निर्देश पर जल पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) और डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (डीडीआरएफ) बसुकेदार की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। बचाव दल ने गदेरे के आसपास और संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर खोज अभियान चलाया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीमों ने करीब डेढ़ घंटे तक लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रखा। अभियान के दौरान बचाव दल को घटनास्थल से कुछ दूरी पर महिला का शव बरामद हुआ। मृतका की पहचान 38 वर्षीय विनीता देवी पत्नी हिम्मत सिंह नेगी, निवासी ग्राम कोटी के रूप में हुई है। शव बरामद होने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई गदेरे और बरसाती नाले उफान पर हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, गदेरों और बरसाती नालों के आसपास जाने से बचें। विशेष रूप से तेज बहाव वाले जलस्रोतों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम खराब होने की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।