उत्तराखंड में बारिश का कहरः टिहरी में भूस्खलन से तीन परिवार और प्राथमिक विद्यालय खतरे में! घर छोड़कर भागे लोग, बागेश्वर में आठ सड़कें बंद

Rain havoc in Uttarakhand: Three families and a primary school at risk due to a landslide in Tehri; residents flee their homes, while eight roads are closed in Bageshwar.

टिहरी/बागेश्वर। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश अब पहाड़ों में लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने कई परिवारों के सामने संकट खड़ा कर दिया है, वहीं बागेश्वर जिले में एक सप्ताह से जारी बारिश के कारण आठ प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। लगातार भूस्खलन और पहाड़ों से गिर रहे मलबे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। प्रशासन और संबंधित विभाग बंद मार्गों को खोलने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक स्थित मुयाल गांव के जंदोली तोक में देर रात हुई भारी बारिश के बाद अचानक भूस्खलन हो गया। भूस्खलन की चपेट में आने से अनुसूचित जाति के कई परिवारों के मकानों पर खतरा मंडराने लगा। तड़के सविता देवी के घर के आगे आंगन का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया और भारी मात्रा में मलबा नीचे स्थित मकानों की ओर जा पहुंचा। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। खतरे को देखते हुए ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। सूचना मिलने के बाद आपदा प्रबंधन और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित परिवारों को घरों में न रहने की सलाह दी और उन्हें गांव के पंचायत भवन के अतिरिक्त कक्षों में अस्थायी रूप से शिफ्ट कराया। भूस्खलन से गांव का प्राथमिक विद्यालय भी प्रभावित हुआ है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा गांव की दो पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। ग्राम प्रधान जितेंद्र थपलियाल ने बताया कि भूस्खलन से बलवीर लाल,मुकंद लाल और संजय लाल के मकान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जंदोली क्षेत्र लंबे समय से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील है। पिछले वर्षों में भी यहां कई बार भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं और प्रशासन को इसकी जानकारी देकर स्थायी समाधान की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि मौजूदा घटना में तीन परिवार और प्राथमिक विद्यालय सीधे प्रभावित हुए हैं। तीनों परिवारों को पंचायत भवन में सुरक्षित ठहराया गया है। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से प्रभावितों को तत्काल राहत, उचित मुआवजा और स्थायी सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराने की मांग की है। उनके अनुसार क्षेत्र में करीब 25 परिवार पहले से ही भूस्खलन के खतरे की जद में हैं। पीड़ित सविता देवी ने बताया कि रात करीब तीन बजे से तेज बारिश हो रही थी। इसके बाद अचानक भूस्खलन होने से उनका घर खतरे की जद में आ गया। उन्होंने कहा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और अब परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराने की मांग की। वहीं, एक अन्य पीड़ित पूनम ने बताया कि बारिश के कारण उनके घर के पीछे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के साथ वहां रहना सुरक्षित नहीं है और प्रशासन उन्हें सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करे। पूर्व प्रधान सोहन दास ने कहा कि जंदोली में आपदा जैसे हालात बने हुए हैं। कई परिवारों के साथ प्राथमिक विद्यालय भी वर्षों से भूस्खलन के खतरे में है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से विस्थापन की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में विधायक शक्ति लाल शाह को भी प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। राजस्व निरीक्षक विजय कुमार पटवाल ने बताया कि देर रात हुई भारी बारिश के कारण जंदोली तोक में भूस्खलन हुआ है। प्रभावित परिवारों को एहतियात के तौर पर पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। दैवीय आपदा के प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नुकसान का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बागेश्वर में एक सप्ताह से जारी बारिश से आठ सड़क बंद
बागेश्वर जिले में भी लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। पिछले करीब एक सप्ताह से हो रही बारिश के कारण जिले की आठ प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताकुला रोड पर रखोली के पास पहाड़ से मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी दौरान सड़क पर भरभराकर गिरते पहाड़ के मलबे का वीडियो भी कैमरे में कैद हुआ है। वीडियो में पहाड़ से अचानक बड़ी मात्रा में मलबा गिरता दिखाई दे रहा है। लगातार हो रहे भूस्खलन से साफ है कि बारिश के कारण पहाड़ कमजोर पड़ रहे हैं। कई संपर्क मार्गों पर मलबा और पत्थर आने से यातायात ठप है। बंद सड़कों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और बंद मार्गों पर आवाजाही नहीं करने की अपील की है।