Good Morning India: एपस्टीन फाइल्स पर अमेरिका में जबरदस्त बवाल, न्याय विभाग पर उठे सवाल! हिमालयी राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट! भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसान संगठनों का विरोध प्रदर्शन आज! देहरादून हत्याकांड, पुलिस मुठभेड में शूटर और सहयोगी गिरफ्तार

Good Morning India: Huge uproar in America over Epstein files, questions raised on Justice Department! Rain and snowfall alert in Himalayan states! Farmer organizations protest against India-US trade

नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देंगी। इधर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आज प्रदर्शन करेंगे किसान संगठन। वहीं व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायल के PM नेतन्याहू की मीटिंग आज।

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, उत्तर भारत का मौसम फिर बदलने जा रहा है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में आने वाले दिनों में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ेगा। मौसम की यह करवट सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायुमंडल में बने ट्रफ के कारण मानी जा रही है। पहाड़ों में ठंड दोबारा तेज हो सकती है, जबकि मैदानों में सर्दी कमजोर पड़ती दिखेगी। मौसम विभाग के अनुसार 13 और 16 फरवरी के आसपास जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इसके उलट दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत मैदानी क्षेत्रों में धूप तेज रहेगी और दिन का तापमान ऊपर जाएगा। न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में तीन घंटे से ज्यादा समय तक बंद कमरे में अहम बैठक हुई। बैठक के बाद ट्रंप ने साफ कहा कि उन्होंने नेतन्याहू से जोर देकर कहा है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी रहनी चाहिए। इस मुलाकात को पश्चिम एशिया की सुरक्षा और परमाणु तनाव के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के बाद नेतन्याहू ने मीडिया से कोई बयान नहीं दिया, लेकिन ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। ट्रंप ने कहा कि बैठक बहुत अच्छी रही और दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं। उन्होंने बताया कि कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान से बातचीत जारी रखी जाए ताकि यह तय हो सके कि परमाणु डील संभव है या नहीं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर समझौता हो सकता है तो वही बेहतर रास्ता होगा।

उधर अमेरिका में कुख्यात कारोबारी और दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संसद की एक समिति की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल बॉन्डी पर आरोप लगा कि उन्होंने एपस्टीन के प्रभावशाली साथियों के नाम छिपाए। रिपब्लिकन सांसदों ने न्याय विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि कानून के बावजूद पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने बॉन्डी से सीधे सवाल किए। उन्होंने कहा कि एपस्टीन यौन तस्करी जांच से जुड़े दस्तावेजों में संभावित सह-साजिशकर्ताओं की सूची में अरबपति कारोबारी लेस्ली वेक्सनर का नाम काला कर छिपाया गया। मैसी ने इसे कानून का पालन न करना और बड़ी विफलता बताया। जवाब में बॉन्डी ने कहा कि वेक्सनर का नाम दूसरे जारी दस्तावेजों में मौजूद है और आपत्ति उठने के 40 मिनट के भीतर उसे बिना ढंके जारी कर दिया गया।

इधर बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से ठीक एक दिन पहले अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय में दहशत फैल गई है। 11 फरवरी को मौलवीबाजार जिले के कमलगंज उपजिला में एक चाय बागान से 28 साल के हिंदू युवक रतन साहूकार की लाश बरामद हुई। डेली स्टार के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे। यह घटना चुनावी हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हमलों की बढ़ती आशंका को और गहरा कर रही है। स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 10 बजे चंपारा चाय बागान में रतन की लाश देखी और तुरंत पुलिस को सूचना दी। लाश खून से लथपथ थी और शरीर पर कई जगह चोट के गहरे निशान थे। कमलगंज पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अब्दुल अवाल ने पुष्टि की कि मृतक रतन साहूकार था, जो इसी बागान में काम करता था और इस्लामपुर यूनियन से जुड़ा हुआ था।

उधर दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास कार में तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में सूफी कमरुद्दीन उर्फ बाबा को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि सूफी ने लड्डू में जहर मिलाकर तीनों को खिला दिया था, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। दरअसल, तीनों के पास ₹2 लाख रुपये कैश थे। सूफी ने उसे दो करोड़ बनाने का लालच दिया। बाबा लोगों को धन वर्षा का लालच देता था और लोगों के पैसे लूटा करता था। तीनों लोग- रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी बाबा के पास धन वर्षा के लिए पहुंचे थे। बाबा ने उनको झांसा दिया और ₹2 लाख को 2 करोड़ बनाने का लालच दिया। इसी लालच में तीनों गाजियाबाद के लोनी इलाके में सूफी कमरुद्दीन के घर पहुंचे थे।

इधर दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल (विशेष प्रकोष्ठ) ने 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया' को नोटिस जारी कर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को सोशल मीडिया पर उपलब्ध कराने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक को लेकर दर्ज मामले में और सीक्रेट एक्ट व कॉपी राइट की धाराएं भी जोड़ी हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस की एक टीम बुधवार को गुरुग्राम में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के ऑफिस में पहुंची और करीब ढाई घंटे तक जांच पड़ताल की। टीम वहां से कुछ कागजात भी अपने साथ लाई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया, जब पुस्तक की स्थिति और अनधिकृत संस्करणों के कथित अवैध प्रसार के विरोध में दावे किए जा रहे हैं, जिससे प्रकाशक, पूर्व सेना प्रमुख और वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां एक व्यापक सार्वजनिक विवाद में शामिल हो गई हैं। पुलिस के अनुसार विशेष प्रकोष्ठ ने नोटिस के माध्यम से प्रकाशक से औपचारिक रूप से संपर्क कर कई सवाल पूछे हैं और उनके विस्तृत जवाब मांगे हैं।

उधर दुनियाभर में एपस्टीन फाइल्स को लेकर हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि इन फाइल्स में भारत के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी नाम है। अब राहुल गांधी के आरोपों पर मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने करारा जवाब दिया है। हरदीप पुरी ने कहा है कि उन्होंने एपस्टीन से तब मुलाकात की थी जब वो IPI संस्था में काम करते थे। उन्होंने कहा है कि विदेश सेवा से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने IPI ज्वॉइन की थी और IPI में उनके बॉस एपस्टीन को जानते थे।  हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 8 साल में उनकी एपस्टीन से तीन बार मुलाकात हुई। हालांकि, उन्होंने ये साफ कर दिया है कि उनका एपस्टीन आईलैंड से कोई लेना-देना नहीं है और वह एपस्टीन से कभी पर्सनली मिले भी नहीं हैं।
 
इधर केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचना दी है कि लद्दाख से संबंधित जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा नहीं किया जा सकता है। बता दें कि बीते साल लेह में हिंसक प्रदर्शनों को लेकर सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। सोनम वांगचुक को बीते साल 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। हाल ही में वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए चिकित्सा आधार पर उनकी रिहाई की मांग की जा रही है। भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ के सामने सुप्रीम कोर्ट के उस पूर्व प्रश्न का उत्तर दिया है, जिसमें अधिकारियों से वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मेडिकल आधार पर उनकी रिहाई पर विचार करने को कहा गया था। तुषार मेहता ने कहा- "जेल मैनुअल के अनुसार सोनम वांगचुक की करीब 24 बार नियमित रूप से जांच की गई है। वे स्वस्थ और तंदुरुस्त हैं। उन्हें पाचन संबंधी समस्या और इंफेक्शन था। यदि हम (उनकी रिहाई के लिए) ऐसे अपवाद बनाने लगते हैं, तो इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा। जिन आधारों पर हिरासत आदेश पारित किया गया था, वे अभी भी लागू हैं। स्वास्थ्य कारणों से उनकी रिहाई संभव नहीं होगी। यह वांछनीय भी नहीं हो सकता है। चूंकि यह मामला आपके समक्ष आया है, इसलिए हमने इस पर पूरा विचार किया है।”

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, देहरादून में हुए हत्याकांड के बाद पुलिस ने शूटर और उसके सहयोगी को अलग-अलग स्थानों पर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग के दौरान दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। हत्याकांड के बाद एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए शहर से लेकर देहात तक नाकेबंदी और सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। तड़के सुबह रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में चेकिंग के दौरान एक बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया।

इधर रुड़की में बच्चों के विवाद में बड़े आमने-सामने आ गए और कुछ ही मिनट में कहासुनी ने पथराव का रूप ले लिया। दोनों ओर से जमकर ईंट पत्थर चले। इससे क्षेत्र के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को जमकर फटकारा और मामला शांत कराया।  कोतवाली क्षेत्र के बंदा रोड में मंगलवार रात बच्चों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस बीच बच्चों ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगों से घर जाकर बहस शुरू कर दी तो दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इस बीच एक पक्ष ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए थे। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी अपने घरों से पत्थर बरसा दिए और कुछ ही मिनट में मामला तनावपूर्ण हो उठा। दोनों ओर से पथराव होने से क्षेत्र के लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलने पर पुलिस लाठी लेकर मौके पर पहुंची और घटनास्थल पर मौजूद लोगों को जमकर फटकार के बाद शांत कराया।