Sep 29, 2026 Login

पिथौरागढ़/धारचूला:भारी बर्फबारी से आदि कैलाश यात्रा मार्ग बंद, घोड़े-खच्चरों संग लौटे ग्रामीण

Pithoragarh/Dharchula: Heavy snowfall closes Adi Kailash Yatra route, villagers return with horses and mules

धारचूला (पिथौरागढ़)।

 व्यास घाटी में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए ऊंचाई वाले क्षेत्रों को बर्फ से ढक दिया है। आदि कैलाश (ज्योलिंगकोंग) में पिछले दो दिनों के दौरान करीब चार से पांच फीट बर्फ गिरने से कुटी से आदि कैलाश जाने वाला मार्ग फिलहाल बंद हो गया है। भारी बर्फबारी के बीच करीब 100 से अधिक ग्रामीण घोड़े-खच्चरों के साथ लगभग 20 किलोमीटर पैदल चलकर कुटी लौटे। हालांकि सोमवार को मौसम साफ होने के बाद धूप खिली तो व्यास घाटी का नजारा पूरी तरह बदल गया। करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश, नाभीढांग और कुटी बर्फ की सफेद चादर से ढके दिखाई दिए।

 

 

आदि कैलाश क्षेत्र में करीब पांच फीट, जबकि नाभीढांग में लगभग दो फीट बर्फ दर्ज की गई है। बर्फबारी के बाद क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखर उठा है और धूप में पूरी घाटी दूधिया चमक से भर गई।

ग्राम प्रधान नगेंद्र कुटियाल और वाहन स्वामी गुलाब कुटियाल के मुताबिक, लगातार हुई बर्फबारी के कारण कुटी से आदि कैलाश तक का मार्ग आवाजाही के लिए बंद है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम मार्ग खोलने के प्रयास में जुटी है।

स्थानीय मीडिया को लोगों ने बताया कि बर्फ की अधिकता के चलते आदि कैलाश क्षेत्र में मौजूद करीब 100 ग्रामीणों को रविवार को कुटी लौटना पड़ा। ग्रामीण घोड़े-खच्चरों के साथ करीब 20 किलोमीटर पैदल चलकर देर शाम किसी तरह गांव पहुंचे। फिलहाल आदि कैलाश क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों के अलावा करीब 10 होटल संचालक मौजूद हैं।

वहीं, गुंजी से कालापानी और नाभीढांग तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है। केएमवीएन नाभीढांग के प्रबंधक नरेंद्र बिष्ट ने बताया कि सोमवार को मौसम साफ रहने और धूप निकलने से वहां मौसम सुहावना रहा। नाभीढांग में करीब दो फीट बर्फ जमा है।

बर्फबारी के बाद लंबे समय से काले रंग में नजर आ रहा ओम पर्वत भी बर्फ की सफेद चादर से ढककर अपने पारंपरिक हिमाच्छादित स्वरूप में दिखाई देने लगा है। हालांकि, बर्फबारी ने जहां पर्यटकों और यात्रियों के लिए घाटी की खूबसूरती बढ़ा दी है, वहीं स्थानीय लोगों की आवाजाही और यात्रा मार्ग को लेकर मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।