Fact Check: जबलपुर क्रूज हादसे में मां बेटे की भावुक फोटो का सच! हादसे के नाम पर वायरल करने के लिए बना दी AI जनरेटेड इमेज, फेक फोटो को असली समझने लगे लोग

Fact Check: The truth behind the emotional photo of a mother and son from the Jabalpur cruise ship accident! An AI-generated image was created to spread virally under the guise of an accident, and pe

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में 30 अप्रैल की शाम हुए दर्दनाक क्रूज बोट हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। तेज आंधी और खराब मौसम के चलते एक क्रूज नौका पलट गई, जिसमें नौ लोगों की जान चली गई, जबकि 22 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। हादसे के बाद सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, जिनमें एक बेहद भावुक तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा। इस तस्वीर में एक महिला लाइफ जैकेट पहने पानी में दिखाई दे रही है और एक छोटा बच्चा उसके सीने से लिपटा हुआ नजर आता है, जिसे मां-बेटे की अंतिम तस्वीर बताकर शेयर किया जा रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस तस्वीर को बरगी बांध हादसे से जोड़ते हुए दावा किया गया कि यह उसी मां और उसके चार साल के बेटे की तस्वीर है, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने डूबने के बाद एक साथ बरामद किया था। इस दावे के साथ तस्वीर को भावनात्मक संदेशों के जरिए व्यापक रूप से शेयर किया गया, जिससे लोगों में संवेदना और आक्रोश दोनों देखने को मिला।

हालांकि, जब इस वायरल दावे की गहराई से जांच की गई तो तस्वीर की सच्चाई कुछ और ही निकली। विभिन्न फैक्ट चेकिंग प्रक्रियाओं और एआई डिटेक्शन टूल्स के विश्लेषण में यह तस्वीर पूरी तरह वास्तविक नहीं पाई गई। जांच के दौरान संकेत मिले कि इमेज में डिजिटल एडिटिंग या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए तैयार किए गए तत्व मौजूद हो सकते हैं, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

एआई डिटेक्शन टूल Hive Moderation की जांच में यह तस्वीर लगभग 96 प्रतिशत तक एआई जनरेटेड पाई गई, जबकि एक अन्य टूल Sightengine ने भी इसमें एआई होने की करीब 48 प्रतिशत संभावना जताई। इसके अलावा अन्य विश्लेषणों में तस्वीर के कई तकनीकी पहलुओं में असामान्यताएं सामने आईं। बच्चे को पकड़ने वाले हाथों की संरचना में गड़बड़ी, उंगलियों का अस्वाभाविक जुड़ाव, त्वचा का अत्यधिक स्मूद और पेंटिंग जैसा टेक्सचर, और पानी के साथ ऑब्जेक्ट्स का अप्राकृतिक व्यवहार—ये सभी संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि तस्वीर वास्तविक नहीं है।

जांच के दौरान जबलपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कलेक्टर जबलपुर के आधिकारिक अकाउंट से स्पष्ट किया गया कि यह वायरल तस्वीर या तो एआई जनरेटेड है या किसी अन्य स्रोत की है और इसका बरगी क्रूज दुर्घटना से कोई संबंध नहीं है। प्रशासन के इस बयान ने वायरल दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया।

हालांकि, यह भी सामने आया कि वास्तविक हादसे में एक मां और बच्चे से जुड़ी दुखद जानकारी जरूर सामने आई थी, लेकिन उससे जुड़ी जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे इस वायरल तस्वीर से बिल्कुल अलग हैं और उनकी आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हो सकी है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसी अपुष्ट तस्वीरों को साझा करना उचित नहीं माना गया।

इस पूरे मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मां-बेटे की भावुक तस्वीर को जबलपुर के बरगी बांध क्रूज हादसे से जोड़कर भ्रामक दावा किया जा रहा है। फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ है और प्रशासन ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि किसी भी संवेदनशील घटना से जुड़ी तस्वीर या जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य की जाए, ताकि गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।

 

सोर्स:PTI