बार संचालक की कार डिवाइडर से टकराई, मौत,परिजनों ने सीने पर 'गोली' का निशान देख जताई हत्या की आशंका
रुद्रपुर कोतवाली के आदर्श कॉलोनी चौकी क्षेत्र में देर रात एक नामी बार संचालक की कार डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद तब नया मोड़ आ गया जब मृतक के परिजनों ने शव के सीने पर 'गन शॉट' (गोली लगने) जैसा निशान देखा। परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह साधारण सड़क हादसा नहीं, बल्कि हत्या कर इसे एक्सीडेंट का रूप देने की साजिश है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और एक्स-रे के लिए भेज दिया है। इस सनसनीखेज मामले से इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, किच्छा क्षेत्र के रहने वाले 56 वर्षीय संजय शर्मा (पुत्र राम निवास) बार संचालक थे। बुधवार की देर रात वह अपनी कार से अपने एक कर्मचारी को घर छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान आदर्श कॉलोनी रोड पर उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के दोनों एयरबैग खुल गए। हादसे के वक्त कार में सवार युवती तो पूरी तरह सुरक्षित बच गई, लेकिन संजय शर्मा की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के तुरंत बाद राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही एसएसआई अनिल जोशी, आदर्श कॉलोनी चौकी प्रभारी प्रदीप पंत और रम्पुरा चौकी प्रभारी पंकज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को सूचित किया। अस्पताल पहुंचे परिजनों में संजय शर्मा की मौत से कोहराम मच गया। पत्नी चंचल शर्मा और बेटों शशांक व उत्कर्ष शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। रोते-बिलखते परिजनों ने जब शव को देखा तो उनके होश उड़ गए। परिजनों का कहना है कि संजय के पूरे शरीर पर एक्सीडेंट की कोई अन्य चोट नहीं है, बल्कि सिर्फ सीने पर एक गहरा गोल निशान है, जो बिल्कुल गोली लगने जैसा प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से गहन जांच की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। सीओ सिटी विभव सैनी ने बताया कि घटना की हर एंगल से तफ्तीश की जा रही है। हादसे के सही कारणों और साजिश का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। एसएसआई अनिल जोशी ने बताया कि सच्चाई का पता लगाने के लिए मृतक का एक्स-रे भी कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि सीने पर लगा निशान गोली का है या हादसे के वक्त किसी अंदरूनी चोट का।