नैनीताल:रूसी बाइपास पर व्यवस्थाओं की खुली पोल!बंद मिले मोबाइल टॉयलेट, गंदगी से बदहाल यात्री प्रतीक्षालय, मां नयना देवी व्यापार व्यापार मंडल बोला ऐसे खराब हो रही नैनीताल की पर्यटन छवि
रूसी बाइपास पर गंदगी, बंद पड़े मोबाइल टॉयलेट और बदहाल यात्री प्रतीक्षालय को लेकर व्यापार मंडल ने उठाए सवाल; कहा- पर्यटकों के सामने खराब हो रही नैनीताल की छवि
नैनीताल। आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रशासन ने पिछले माह दावा किया था कि शहर के प्रमुख सार्वजनिक शौचालय रात 12 बजे तक खुले रखे जाएंगे,शहर के बाहर पार्किंग स्थलों में मोबाइल टॉयलेट 24X7 खुलें रहेंगे ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है।

गुरुवार को मां नयना देवी व्यापार मंडल के पदाधिकारी रूसी बाइपास क्षेत्र में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान वहां की स्थिति देखकर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई।

उनका कहना था कि पर्यटकों की सुविधा के लिए लगाए जाने वाले मोबाइल टॉयलेट अब तक संचालित नहीं हो पाए हैं, जबकि क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शौचालयों और यात्री प्रतीक्षालयों की स्थिति बेहद खराब है, जिससे नैनीताल आने वाले पर्यटकों के बीच शहर की नकारात्मक छवि बन रही है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा कि रूसी बाइपास पर पर्यटकों को जबरन रोका जा रहा है, लेकिन वहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मोबाइल टॉयलेट अभी तक चालू नहीं हुए हैं और सार्वजनिक शौचालयों के आसपास सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। उनका कहना था कि अधिकारियों को कम से कम इन स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करनी चाहिए थी, क्योंकि यहां की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर में पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालयों की हालत भी अत्यंत दयनीय है। कई स्थानों पर इतनी गंदगी है कि वहां बैठना तो दूर, कुछ देर खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लाखों रुपये की गाड़ियों से नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटकों को बेहद खराब अनुभव का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि पर्यटन सीजन के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर केवल कागजी तैयारियां दिखाई जाती हैं, जबकि धरातल पर बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि व्यापार मंडल ने स्वयं आगे आकर शौचालयों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई कराने का निर्णय लिया और कर्मचारियों को सफाई कार्य में लगाया गया है।
पुनीत टंडन ने प्रशासन से मांग की कि रूसी बाइपास सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर एक जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी की नियमित तैनाती की जाए, ताकि साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी हो सके। उन्होंने कहा कि गंदे टॉयलेट्स स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालते हैं खासकर महिलाओं को कई तरह के इन्फेक्शन हो जाते हैं जिनका ट्रीटमेंट आसान नहीं होता। यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो इसका सीधा असर नैनीताल की पर्यटन छवि पर पड़ेगा और पर्यटकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में नैनीताल में पार्किंग और होटल उपलब्ध हैं, इसके बावजूद खराब प्रबंधन और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण कई पर्यटक वापस लौटते हुए देखे जा रहे हैं, जो पर्यटन नगरी के लिए चिंताजनक स्थिति है।