चमोली टनल हादसा: खराब मौसम के बीच ग्राउंड जीरो पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी,19 श्रमिक सुरक्षित बाहर,तीन की तलाश जारी
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए भयानक भूस्खलन और जलभराव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीधे 'ग्राउंड जीरो' पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। बेहद खराब और प्रतिकूल मौसम के बीच मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर भारी कठिनाइयों के बीच उतरा, जिसके बाद उन्होंने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से प्रशासनिक अमले और राहत एजेंसियों में युद्धस्तर पर तेजी आ गई है।
टनल हादसे के बाद रातभर चले युद्धस्तरीय रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 19 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन श्रमिकों की तलाश जारी है। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। राहत एवं बचाव कार्य में टनल के अंदर गए छह बचावकर्मी भी सुरक्षित बताए गए हैं। रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां चिकित्सकों की टीमें उनकी लगातार निगरानी कर रही हैं। मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियों से बातचीत कर अभियान की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले देहरादून स्थित आपदा परिचालन केंद्र से भी रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी टनल करीब तीन किलोमीटर लंबी है। जानकारी के अनुसार टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण अचानक मलबा और पानी भर गया। इसके चलते अंदर काम कर रहे श्रमिकों के बीच अफरातफरी मच गई और कई लोग फंस गए। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार घटनास्थल पर डटे रहे और रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की। खराब मौसम के बावजूद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें बचाव कार्य में जुटी रहीं। मुख्यमंत्री धामी ने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के पीपलकोटी पहुंचने के बाद रेस्क्यू अभियान की निगरानी और तेज कर दी गई है। प्रशासन का पूरा ध्यान अब टनल में फंसे बाकी तीन श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। प्रतिकूल मौसम और टनल के भीतर मलबा-पानी की चुनौती के बावजूद बचाव टीमें लगातार अभियान में जुटी हुई हैं।