एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों का महा-धमाका: बरानिका ने पोल वॉल्ट में रचा इतिहास, गुलवीर और मनप्रीत के नाम भी रहे पदक
नागोया। एशियन गेम्स में निशानेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद अब भारतीय एथलीटों ने भी ट्रैक एंड फील्ड में अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी है। नागोया में चल रहे खेलों के दौरान भारत के लिए सबसे ऐतिहासिक पल महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में आया, जहां बरानिका इलांगोवन ने देश को इस स्पर्धा का पहला कांस्य पदक दिलाकर नया इतिहास रच दिया। इसके अलावा, गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में रजत और मनप्रीत कौर ने शॉट पुट में कांस्य जीतकर भारत की पदक तालिका को और समृद्ध किया। वहीं, टेबल टेनिस मिक्स्ड डबल्स में भी भारत को कांस्य पदक हासिल हुआ।
एशियन गेम्स में निशानेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय एथलीटों ने भी पदकों की रफ्तार बढ़ा दी है। एथलेटिक्स में भारत के खाते में एक के बाद एक पदक जुड़ रहे हैं। महिला पोल वॉल्ट में बरानिका इलांगोवन ने ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर नया अध्याय लिखा, जबकि पुरुष 10,000 मीटर में गुलवीर सिंह ने रजत पदक अपने नाम किया। महिला शॉट पुट में मनप्रीत कौर ने भी कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। टेबल टेनिस की मिश्रित युगल स्पर्धा में मानुष शाह और दिया चिताले की जोड़ी भी कांस्य पदक हासिल करने में सफल रही। महिला पोल वॉल्ट में बरानिका इलांगोवन ने 4.15 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक हासिल किया। यह एशियन गेम्स के पोल वॉल्ट इतिहास में भारत का पहला पदक है। बरानिका और कजाखस्तान की पोलिना इवानोवा ने समान 4.15 मीटर का सफल प्रयास किया। इसके बाद दोनों को संयुक्त रूप से कांस्य पदक देने का फैसला किया गया। भारत की दूसरी खिलाड़ी सिंधूश्री गणेशा प्रतियोगिता में कोई सफल प्रयास नहीं कर सकीं और पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। बरानिका की ऐतिहासिक उपलब्धि ने भारतीय एथलेटिक्स अभियान में नया अध्याय जोड़ दिया। पुरुष 10,000 मीटर फाइनल में गुलवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। गुलवीर ने 28:29.38 मिनट का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। दौड़ के अंतिम चरण में कड़ी चुनौती के बावजूद उन्होंने अपनी गति और संयम बनाए रखा और यादगार पोडियम फिनिश हासिल की। गुलवीर का यह प्रदर्शन भारत के लंबी दूरी के एथलेटिक्स अभियान के लिए महत्वपूर्ण रहा। अंतिम 2,000 मीटर में वह पदक की दौड़ में मजबूती से बने रहे और आखिर तक अपनी स्थिति बरकरार रखते हुए रजत पदक हासिल किया। महिला 400 मीटर में भारत की किरण पहल और प्राची ने फाइनल में जगह बनाकर पदक की उम्मीद कायम रखी है। किरण पहल ने 53.44 सेकेंड का समय निकालकर अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल किया और सीधे फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वहीं प्राची ने 53.46 सेकेंड का समय दर्ज किया। वह अपनी हीट में तीसरे स्थान पर रहीं और सीधे क्वालीफाई करने से चूक गईं, लेकिन ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं। सभी धावकों में वह छठे स्थान पर रहीं। अब महिला 400 मीटर के फाइनल में भारत की दो दावेदार पदक की दौड़ में उतरेंगी। पुरुष 400 मीटर में भी भारत के विशाल टीके ने फाइनल में प्रवेश किया। विशाल ने अपनी हीट में 45.27 सेकेंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया और सीधे फाइनल में जगह बनाई। महिला शॉट पुट में मनप्रीत कौर ने 17.17 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। उनके पास पदक का रंग बदलने का मौका था, लेकिन आखिरी प्रयास फाउल रहने के कारण उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा। भारत की कृष्णा मेनन 16.57 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। मिश्रित युगल में मानुष शाह और दिया चिताले की जोड़ी ने सेमीफाइनल तक पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया था। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें चीन की चुकिन वांग और यिंगशा सुन की जोड़ी के खिलाफ 11-8, 11-5, 11-8, 11-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ भारतीय जोड़ी को कांस्य पदक मिला। दूसरी ओर महिला हेप्टाथलान में पूजा और अनामिका केए पदक से चूक गईं। पूजा 800 मीटर में 2:16.43 मिनट और अनामिका 2:18.06 मिनट के समय के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं, लेकिन कुल अंकों के आधार पर पूजा छठे और अनामिका सातवें स्थान पर रहीं। हैमर थ्रो में भी भारत को निराशा हाथ लगी। दमनीत सिंह 67.56 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ नौवें और प्रवीण कुमार 65.24 मीटर के साथ 11वें स्थान पर रहे। इसके बावजूद एथलेटिक्स में बरानिका, गुलवीर और मनप्रीत के पदकों के साथ भारत का अभियान लगातार मजबूत हुआ है।