एशियाड में भारत का ‘गोल्डन’ शुक्रवार: कमलजीत-सुरुचि ने रचा इतिहास, गुलवीर की चांदी समेत छह पदक
नागोया। एशियन गेम्स 2026 का छठा दिन भारतीय खेल दल के लिए मिली-जुली सफलताओं और ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा। भारत ने शूटिंग, एथलेटिक्स और टेबल टेनिस में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर 1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य समेत कुल छह पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही कबड्डी में दोनों भारतीय टीमों ने फाइनल का टिकट कटाया और स्क्वॉश में तीन पदक पक्के किए। हालांकि, बैडमिंटन की स्टार जोड़ी सात्विक-चिराग के पहले ही दौर से बाहर होने से भारतीय प्रशंसकों को बड़ा झटका भी लगा।
एशियन गेम्स में भारत के लिए शुक्रवार का छठा दिन पदकों की बारिश और कुछ बड़ी निराशाओं के नाम रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने शूटिंग, एथलेटिक्स और टेबल टेनिस में कुल छह पदक अपने नाम किए। दिन की शुरुआत शूटिंग में कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी के ऐतिहासिक स्वर्ण से हुई। भारतीय जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ सोना जीता। वहीं, एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में रजत हासिल किया। इसके अलावा भारत की झोली में चार कांस्य पदक भी आए। शूटिंग में कमलजीत और सुरुचि सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में 484.6 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह प्रदर्शन एशियन गेम्स रिकॉर्ड भी रहा। सुरुचि ने 245.7 और कमलजीत ने 238.9 अंक का योगदान दिया। भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और मुकाबले के अंत तक इसे कायम रखा। दक्षिण कोरिया ने 478.0 अंक के साथ रजत और ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारत के लिए यह स्वर्ण इसलिए भी अहम रहा क्योंकि 10 मीटर एयर पिस्टल की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में भारतीय निशानेबाज पदक नहीं जीत पाए थे। पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की तिकड़ी ने रजत पदक जीता। भारत ने 1762-94x का स्कोर किया, जबकि चीन ने 1766-95x के साथ स्वर्ण हासिल किया। दक्षिण कोरिया को कांस्य मिला। ऐश्वर्य और नीरज व्यक्तिगत फाइनल में भी पहुंच गए हैं। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में 28:29.38 के समय के साथ रजत पदक जीता। उन्होंने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में इसी स्पर्धा में कांस्य जीता था। इस बार उन्होंने अपने पदक का रंग बदलते हुए रजत हासिल किया। बहरीन के बिरहानु बालेयू ने 28:27.51 के समय के साथ स्वर्ण जीता। महिला शॉटपुट में मनप्रीत कौर ने 17.17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया। वहीं बरानिका इलांगोवन ने महिला पोल वॉल्ट में 4.15 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य जीता। यह एशियन गेम्स में महिला पोल वॉल्ट में भारत का पहला पदक है। मानुष शाह और दिया चिताले की मिश्रित युगल जोड़ी ने कांस्य पदक पक्का किया। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की मौजूदा चैंपियन जोड़ी सुन यिंगशा और वांग चुकिन से 0-4 से हार मिली। इसके बावजूद भारतीय जोड़ी ने एशियन गेम्स में मिश्रित युगल पदक जीतने वाली भारत की दूसरी जोड़ी बनने की उपलब्धि हासिल की। स्क्वॉश में भारत ने एक ही दिन तीन पदक सुनिश्चित किए। जोशना चिनप्पा-वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी, अनाहत सिंह और अभय सिंह अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गए। इससे भारत के कम से कम तीन पदक तय हो गए हैं। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। पुरुष टीम ने थाईलैंड को 66-28 से मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया। महिला टीम लगातार चौथे एशियन गेम्स स्वर्ण की ओर बढ़ रही है, जबकि पुरुष टीम अपने 2023 के खिताब का बचाव करने उतरेगी। महिला हॉकी टीम ने भी मेजबान जापान को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। लालरेम्सियामी, इशिका चौधरी और नवनीत कौर ने भारत के लिए गोल किए। इससे पहले टीम उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया और थाईलैंड को बड़े अंतर से हरा चुकी है। दिन की सबसे बड़ी निराशा बैडमिंटन में मिली। गत चैंपियन सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरुष डबल्स के पहले दौर में थाईलैंड के पीराचाई सुखफुन और पक्कापोन तीरात्साकुल से हारकर बाहर हो गए। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 21-12 से जीता, लेकिन थाई खिलाड़ियों ने वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 21-19 और 21-14 से जीत लिए। मुक्केबाजी में सचिन सिवाच ने 60 किलोग्राम वर्ग में जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह को 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहीं प्रीति पवार को 54 किलोग्राम वर्ग में उत्तर कोरिया की पांग चोल एम से 0-5 से हार मिली। फेंसिंग में पुरुष फॉयल टीम को हांगकांग ने 45-27 और महिला एपी टीम को उज्बेकिस्तान ने 45-29 से हराया। हैमर थ्रो में भी भारत पदक से दूर रहा। दमनीत सिंह नौवें और प्रवीण कुमार 11वें स्थान पर रहे। छठे दिन भारत ने छह पदक जीतकर पदक अभियान को मजबूती दी। रिकॉर्ड स्वर्ण, एथलेटिक्स में रजत-कांस्य और टीम स्पर्धाओं में फाइनल तक पहुंच ने भारत के लिए दिन को खास बनाया, हालांकि बैडमिंटन में सात्विक-चिराग की हार ने बड़ी निराशा भी दी।