Sep 25, 2026 Login

उत्तराखण्डः छात्रसंघ चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! सरकार का शासनादेश वैध करार, छात्रों की याचिकाएं खारिज

Uttarakhand: High Court's major ruling on 50% reservation in student union elections! Government order upheld as valid; students' petitions dismissed.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनाव के लिए  पचास प्रतिशत आरक्षण तय करने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ती रविंद्र मैठाणी की एकलपीठ ने राज्य सरकार द्वारा छात्रसंघ के चुनाव के लिए जारी पचास प्रतिशत आरक्षण को वैध पाते हुए दायर छात्रों की याचिकाओं को खारीज कर दिया। अब छात्र संघ के चुनाव पचास प्रतिशत आरक्षण के आधार पर ही होंगे। मामले के अनुसार रामनगर और हल्द्वानी कालेज के छात्र भरत केशवानी, मानस आर्य सहित कई अन्य उम्मीदवारों ने याचिकाएं दायर कर सरकार के उस शासनादेश को चुनौती दी है, जिसमें सरकार ने छात्र संघ चुनाव में पचास प्रतिशत आरक्षण निर्धारित कर दिया था। याचिकाओं में यह भी कहा गया है कि सरकार को आरक्षण तय करने की शक्ति नही है, इसलिए जारी आरक्षण नियमों के विरुद्ध होने के कारण इस शासनादेश को निरस्त किया जाए। सुनवाई पर महाधिवक्ता एस एन बाबुलकर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को अवगत कराया कि सरकार को आरक्षण तय करने की शक्ति है। यह उसे संविधान से प्राप्त हुई है। इसलिए ये याचिकाएं पोषनीय नही है।  लिहाजा इन्हें खारीज किया जाए। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के आदेश को सही पाते हुए सभी याचिकाओं को निरस्त कर दिया है। अब छात्र संघ का चुनाव 50 प्रतिशत आरक्षण के अधार ही होंगे!