चमोली हादसा: टीएचडीसी की टनल में फंसे 3 लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सीएम धामी ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग (टनल) में हुए हादसे के बाद फंसे तीन कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शनिवार को भी युद्ध स्तर पर जारी है। हादसे के तुरंत बाद शुरू किए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें टनल के भीतर लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
घटना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हादसे के समय टनल के भीतर कुल 22 कर्मचारी मौजूद थे। राहत एवं बचाव दलों की त्वरित कार्रवाई से अधिकांश कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन कर्मचारी अभी भी टनल के अंदर फंसे हुए हैं। बचाव दल अत्यंत सावधानी और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए टनल के भीतर जमा मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लेते हुए हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। इस जांच के जरिए हादसे के मुख्य कारणों, तकनीकी खामियों और निर्माण एजेंसी की लापरवाही का पता लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोका जा सके। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी निर्माणाधीन परियोजना में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "मैंने अधिकारियों को पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए थे कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। यदि जांच में किसी की भी लापरवाही सामने आती है, तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरा फोकस टनल में फंसे तीनों व्यक्तियों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है। टनल के भीतर की भौगोलिक परिस्थितियों और हवा के दबाव को देखते हुए रेस्क्यू टीमें सतर्कता से आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और पूरे ऑपरेशन की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के पूरा होने के बाद ही हादसे से जुड़े अन्य विस्तृत तथ्यों की जानकारी सामने आ सकेगी।