बंगाल विधानसभा चुनाव: 15 बूथों पर थमी 'रणभेरी',पुनर्मतदान के बीच जुबानी जंग तेज,टीएमसी ने बताया बीजेपी की साजिश

Bengal Assembly Elections: 'Battle Drums' Fall Silent at 15 Booths; War of Words Intensifies Amid Repolling—TMC Calls It a BJP Conspiracy.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम दौर के बाद आज दक्षिण 24 परगना जिले की दो महत्वपूर्ण सीटों पर पुनर्मतदान (री-पोलिंग) की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 बूथों पर सुबह 7 बजे से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। भारी सुरक्षा बल और चुनाव आयोग की पैनी नजर के बीच मतदान शाम 6 बजे तक चला। हालांकि, मतदान केंद्रों पर शांति रही, लेकिन बाहर राजनीतिक दलों के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों का बाजार गर्म रहा।

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर दोबारा वोट डाले गए। हरिदेवपुर प्राइमरी स्कूल और बागडा जूनियर हाई स्कूल जैसे केंद्रों पर सुबह से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब सभी की निगाहें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शशि पांजा ने इस पुनर्मतदान को भारतीय जनता पार्टी की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, "यह बीजेपी की स्ट्रैटेजी थी कि चुनाव के दौरान दूसरी पार्टियों को भड़काया जाए और हंगामा किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा बूथों पर री-पोलिंग कराई जा सके और बंगाल की छवि खराब हो। वे हार रहे हैं, इसलिए ऐसी चालाकियां कर रहे हैं।" वहीं, नतीजों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी शनिवार दोपहर को पार्टी के सभी काउंटिंग एजेंट्स के साथ वर्चुअल मीटिंग करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में मतगणना के दिन ईवीएम की निगरानी और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए जाएंगे। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने पुनर्मतदान का स्वागत करते हुए कहा कि डायमंड हार्बर और फालता जैसे क्षेत्रों में और भी अधिक बूथों पर दोबारा वोटिंग होनी चाहिए थी। वहीं, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने चुटकी लेते हुए कहा, "ममता बनर्जी अब अपोजिशन मोड में चली गई हैं, उन्हें पता है कि एलओपी (विपक्ष के नेता) की भूमिका उनका इंतजार कर रही है। शाम होते-होते उनके अंदर का डर ईवीएम और चुनाव आयोग पर आरोपों के रूप में बाहर आ जाता है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने भी हमला बोलते हुए कहा कि डायमंड हार्बर में पोलिंग के तौर-तरीके सबको पता हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की फ्रस्ट्रेशन इस कदर बढ़ गई है कि उन्हें अब हर गली-नुक्कड़ पर कैंपेन करना पड़ रहा है और कार्यकर्ताओं को काउंटिंग रूम तक जाने के लिए मोटिवेट करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच 'मिलीभगत' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल के जरिए प्रोपेगैंडा फैलाया जा रहा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर से लोगों का भरोसा कम हुआ है। हालांकि, उन्होंने बंगाल के वोटरों की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि हमें 4 मई के अंतिम परिणामों का इंतजार करना चाहिए।