Aug 19, 2026 Login

अंकिता हत्याकांड!अंकिता के पिता थाने में बेटी की खोजखबर लेने पहुंचे तब पुलिस के साथ बिगड़ैल बेटे का रसूखदार बाप ले रहा था चाय की चुस्की! नेता और अधिकारी देख रहे थे क्रिकेट मैच,गिरफ्तारी के बाद पूर्व राज्यमंत्री का आरोपी बेटा गुस्साई भीड़ को देने लगा गाली गलौज!पछतावा रत्तीभर नही,पूरी स्टोरी लिंक में

Ankita murder case! Former minister of state's son arrested, the accused involved in the murder have no remorse at all

22 सितंबर की शाम को जब उत्तराखंड की बेटी को लापता हुए 4 दिन हो चुके थे और बिटिया के पिता हर रोज थाने में चक्कर लगा रहे थे तब उत्तराखंड की राजधानी  देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,राज्य के सबसे बड़े पुलिस ऑफिसर डीजीपी अशोक कुमार और साथ मे राज्य की जनप्रतिनिधियों में सर्वोच्च पद पर महिला सुरक्षा के लिए रखी गईं गीता धामी क्रिकेट मैच के मजे ले रहे थे।

हैरानी की बात तो ये है कि  अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी की बढ़ी हुई धड़कनें कि बेटी का क्या हुआ होगा?

थाने में खड़े अंकिता के पिता

 

बेटी की तलाश में पुलिस-पटवारियों के चक्कर काट-काटकर वह आखिर इस चौकी पर पहुंचे। चौकी के अंदर अलग ही पिक्चर चल रही थी,अंकिता की गुमशुदगी के आरोपी पुलकित आर्य के रसूखदार पिता बीजेपी नेता व पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री विनोद आर्य पुलिस की स्पेशल चाय पी रहे थे। 

इसकी गवाही देता एक वीडियो वायरल हुआ जिस में अंकिता के पिता थाने में खड़े है उनके साथ कुछ लोग खड़े है जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके सिस्टम की पोल खोल रहे थे और बता रहे थे कि आरोपी बेटे को गिरफ्तारी से बचाने के लिए रसूखदार पिता हर तिकड़म भिड़ाने के लिए थाने पहुंचा और पुलिस का पूरा सिस्टम भी उनके साथ बैठा चाय की चुस्कियां ले रहा था।

 

अंकिता जब गायब हुई थी, तो मामला पटवारी चौकी (राजस्व पुलिस) के पास गया। राजस्व पुलिस का अपना एक अलग ही ढुलमुल रवैया रहता है,इस मामले में भी राजस्व पुलिस ने हीलाहवाली बरती। तीन-चार दिन तक तो वो इसे टालते रहे। बेबस पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी बेटी की बरामदगी के लिए ऋषिकेश में लगातार चक्कर काटते रहते हैं। वह राज्य की महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल से मिलते हैं। पौड़ी के उस जिलाधिकारी को चिट्ठी लिखते हैं, जिसे तुरंत ऐक्शन में होना चाहिए था। वह शक जाहिर करते हैं कि रिजॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य और उसके साथी इसके पीछे हैं। लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया जाता है। यह बड़े बड़े दावे करने वाली उत्तराखंड पुलिस का सिस्टम है, यह वर्तमान सत्ता का सिस्टम है। यह सब राजधानी देहरादून से कुछ किलोमीटर दूर होता है जहाँ से प्रदेशभर के लोग न्याय की आस लगाए रहते है।

मामले ने जब तूल पकड़ा, तब शासन प्रशासन हलचल में आया और अंकिता की खोजबीन शुरू की गई,जांच शुरू हुई,और पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य और उसके दो मैनेजर गिरफ्तार किए गए। ऋषिकेश में अंकिता हत्याकांड के आरोपियों को लेकर कोटद्वार न्यायालय जा रही जीप को गंगा भोगपुर के आक्रोशित लोगों ने रोक लिया। लोगों ने जीप के शीशे तोड़कर आरोपियों के कपड़े फाड़ दिए और उनकी जबरदस्त पिटाई कर दी। यही नहीं लोगों ने गाड़ी को पलटने की कोशिश भी की। करीब 45 मिनट बाद एएसपी शेखर सुयाल मौके पर पहुंचे और लाठीचार्ज करवा भीड़ को मौके से भगाया।लक्ष्मणझूला थाने से पुलिस टीम आरोपियों कोटद्वार न्यायालय में पेश करने के लिए जा रही थी। इस दौरान किसी व्यक्ति ने गंगा भोगपुर में लोगों को यह सूचना दी के आरोपियों को नहर किनारे से ले जाया जा रहा है। यहां स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता पहले से घटना को लेकर आक्रोशित थे।

 


महिलाओं और बच्चों ने जीप पर पथराव शुरू किया। इस बीच लोगों ने पत्थरों से पुलिस जीप के शीशे तोड़ दिए। लोगों जीप को पलटकर नहर में गिराने की कोशिश भी की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाए।

इस बीच लोगों ने जीप की खिड़की से आरोपियों के कपड़े फाड़ दिए और फिर उन पर लात, घूंसे, चप्पल और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।

इधर पूर्व राज्यमंत्री का बेटा और मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर भीड़ घूंसे, पत्थर और चप्पल बरसा रही थी, लेकिन वह घबराने की बजाय उल्टा लोगों पर अंदर से घूंसों से वार कर रहा था। इससे भीड़ का गुस्सा और बढ़ गया। वह अंदर से ही गाली गलौच भी कर रहा था। लोगों से पिटने के बाद भी उसके चेहरे पर डर और अपने जुर्म का पछतावा नजर नहीं आ रहा था।
पुलिस की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने रिजॉर्ट में आने वाले ग्राहकों के साथ अंकिता को  संबंध बनाने को लेकर मजबूर करने और अंकिता द्वारा इस बात का विरोध करने के मामले में हुए विवाद के बाद अंकिता को चीला शक्ति नहर में धक्का देने की बात कबूली।आरोपियों ने बताया कि वह तीनों अंकिता को लेकर बैराज तक आए थे।

उन्होंने फॉस्ट फूड खाया और शराब पी। इसके बाद अंकिता ने धमकी देने लगी कि वह सभी को यह बात बता देगी कि पुलकित आर्य उस पर ग्राहकों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाता है। इसी बीच अंकिता ने पुलकित का मोबाइल नहर में फेंक दिया। दोनों में हाथापाई शुरू हो गई और तीनों लोगों ने गुस्से में अंकिता को नहर में धक्का दे दिया। 5 दिन बाद नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया, शव की शिनाख्त परिजनों ने की।


इस घटना ने पूरे उत्तराखंड मे महिलाओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए है। हालांकि भाजपा ने अंकिता हत्याकांड में पुलकित आर्य की गिरफ्तारी के बाद पुलकित के पिता विनोद आर्य और उनके पुत्र डॉ.अंकित आर्य को पार्टी से निष्काषित कर दिया हैभाजपा ने अंकिता हत्याकांड में पुलकित आर्य की गिरफ्तारी के बाद पुलकित के पिता विनोद आर्य और उनके पुत्र डॉ.अंकित आर्य को पार्टी से निष्काषित कर दिया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अंकित आर्य को उत्तराखण्ड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है।


पहाड़ में बेटियों के सपनों को पंख देने वाले शहरो में बेटियों के साथ ऐसे जघन्य अपराध हो रहे है। यह एक बेबसी ही तो थी जो अंकिता अपने माता पिता को आर्थिक सहायता देने की एक कोशिश कर रही थी।उसे क्या पता था कि उसकी ना उसकी मौत का कारण बन जायेगा।
राज्य बने दो दशक से ऊपर हो गए हैं, लेकिन पहाड़ पर रोजगार और ढंग की पढ़ाई का कोई सिस्टम बन नहीं पाया। ऐसे में आगे बढ़ने-पढ़ने की चाह रखने वाली बेटियों के लिए ये शहर सपने जैसे हैं। अंकिता भी एक ऐप पर निकली जॉब के जरिए वनंत्रा रिजॉर्ट तक पहुंची थी,और सोचा था कि कुछ कमा कर मां बाप के भी सपनो में रंग भरूँगी जो उन्होंने उसे पालते पोसते वक्त देखे होंगे।