Sep 27, 2026 Login

संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत पर गहराया रहस्य! CCTV में कैद हुआ छत से गिरने का घटनाक्रम, परिजनों ने उठाए सवाल

 Mystery deepens over the death of Deepak Lodhi, a disciple of Saint Premanand Maharaj! CCTV captures the moment of the fall from the roof; family members raise questions.

वृंदावन। प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की शुक्रवार को बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही दीपक लोधी की मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसी बीच मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसने घटना को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जिस वक्त दीपक लोधी ने सुसाइड किया उस समय कुछ लोग साइकिल से गुजर रहे थे। एक साइकिल सवार के ठीक सामने यह वाकया हुआ। इससे वह और उनके पीछे साइकिल से आ रहे एक और शख्स चौंक जाते हैं। वहीं सामने से एक फोर व्हीलर भी गुजर रही होती है। दीपक लोधी के छत से गिरने का ये वीडियो इतना भयावह था कि आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

मामला तूल पकड़े जाने के बाद शव का  पोस्टमार्टम कराया गया, पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है। सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि किस प्रकार दीपक लोधी अचानक छत से गिर जाते हैं और उसकी मौत हो जाती है। फिलहाल यह मामला चारों चर्चा का विषय है बना हुआ है। मृतक के बहनोई सोनू पटेल ने बताया कि इस घटना की जानकारी परिजनों को भी दी गई। परिवार को बताया गया कि दीपक गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन होगा। परिवार जब आनन-फानन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर बैठने के लिए बोल दिया। कई घंटों तक आश्रम के बाहर बैठने के बाद भी परिजनों को घटना से जुड़ी जानकारी नहीं दी गई। सोनू पटेल ने बताया कि दीपक लोधी साल 2024 से प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा था। उन्होंने बताया कि जब से दीपक ने गुरु दक्षिणा ली थी, तब से परिवार से उसे नहीं मिलने दिया गया। जब भी परिवार का कोई सदस्य उससे मिलने यहां आता था, तो उसे दो-दो घंटे इंतजार करने के लिए कहा जाता था। सोनू ने बताया कि दीपक के पास मोबाइल फोन भी नहीं था। इसलिए परिवार से कोई संपर्क भी उसका नहीं रहता था। उन्होंने कहा कि दीपक ने आत्महत्या की है या किस वजह से उनकी मौत हुई, इस बारे में अभी तक परिवार को कोई जानकारी नहीं मिली है।