मुंबई में जाम को लेकर मंत्री से भिड़ने वाली महिला के मामले में आया ट्विस्ट! पुलिस ने शिकायत दर्ज करने का किया खंडन, वीडियो हुआ था वायरल
मुंबई। मुंबई में भारतीय जनता पार्टी की नारी शक्ति रैली के दौरान हुए ट्रैफिक जाम और मंत्री से बहस के मामले में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संबंधित महिला के खिलाफ किसी भी प्रकार का मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस ने उन सभी दावों का खंडन किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वर्ली थाने में महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें और अफवाहों से बचें। इस मामले में पहले यह खबर सामने आई थी कि वकील गुणरत्न सदावर्ते की बेटी जेन सदावर्ते ने महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि मुंबई पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। यह पूरा विवाद 21 अप्रैल को भाजपा द्वारा निकाली गई एक बड़ी रैली के दौरान शुरू हुआ था। महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी गठबंधन के खिलाफ यह मार्च वर्ली से जांभोरी मैदान तक निकाला गया था। रैली के कारण वर्ली की प्रमुख सड़कों पर घंटों तक भारी ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी दौरान एक महिला, जो अपनी बेटी को स्कूल से लेने जा रही थी, लंबे समय तक जाम में फंसी रही। जब स्थिति नहीं सुधरी तो वह गुस्से में अपनी गाड़ी से बाहर निकली और सीधे मौके पर मौजूद कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन और पुलिस अधिकारियों से बहस करने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला ने नाराजगी जताते हुए मंत्री को खरी-खोटी सुनाई और वहां मौजूद भीड़ के बीच अपनी बात जोरदार तरीके से रखी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। घटना के बाद मंत्री गिरीश महाजन ने माना कि रैली के कारण ट्रैफिक जाम नहीं होना चाहिए था और नागरिकों को हुई असुविधा पर खेद जताया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि महिला द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा अनुचित थी। वहीं मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने भी सार्वजनिक रूप से लोगों से माफी मांगी। अहम बात यह है कि मंत्री महाजन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे महिला के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। अब मुंबई पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बाद यह साफ हो गया है कि महिला के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। बता दें कि इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया था और सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि पुलिस के बयान के बाद अब स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हो गई है।