उत्तराखंडः किच्छा नगर पालिका के कूड़ा संग्रहण टेंडर पर हाईकोर्ट की सख्ती! तकनीकी बोलियां खोलने पर लगाई रोक, विवादित शर्तों पर मांगा जवाब
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने किच्छा नगर पालिका क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण (गार्बेज कलेक्शन) करने के लिए जारी निविदा प्रक्रिया में रखी गई निविदा में शर्तों को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फिलहाल तकनीकी बोलियां (टेक्निकल बिड) खोलने की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह निर्धारित की है। आज मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ में हुई। मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता आरिफ अंसारी की ओर से अदालत को बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) नियमों के तहत नगर क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था की जानी है। जिसके तहत किच्छा नगर पालिका ने भी इसके लिए टेंडर जारी किया है। टेंडर में यह शर्त रखी है कि वही कम्पनियां इसमे प्रतिभाग कर सकते हैं जिनके पास दो लाख आबादी वाले क्षेत्रों का कूड़ा उठाने का अनुभव हो। जिनके तहत केवल वे ही कंपनियां इस टेंडर प्रक्रिया में प्रतिभाग कर पाएंगी जिनके पास दो लाख या उससे अधिक आबादी वाले क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव हो। याचिका में कहा गया कि किच्छा नगर पालिका की जनसंख्या स्वयं लगभग एक लाख के आसपास है, ऐसे में दो लाख आबादी वाले क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव अनिवार्य करना तर्कसंगत नहीं है। इससे स्थानीय तथा अन्य योग्य एजेंसियों की भागीदारी सीमित हो जाती है और प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि इसी मुद्दे को लेकर पूर्व में भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर न्यायालय ने संज्ञान लिया था। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा पुनः निविदा प्रक्रिया में वही शर्त शामिल कर दी गई जो पहले रखी हुई थी। मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने किच्छा नगर पालिका से पूछा है कि आखिर बार-बार ऐसी शर्तें क्यों लगाई जा रही हैं, जबकि इस पर पहले भी आपत्ति उठ चुकी है। न्यायालय ने नगर पालिका से जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई तक किसी भी तकनीकी बोली को न खोलने के निर्देश दिए हैं। अदालत के इस आदेश के बाद वर्तमान टेंडर प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लग गई है। अब मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी, जिसमें नगर पालिका को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी है।