Aug 19, 2026 Login

किस क्रिकेटर के गांव की है बदहाली, जहां आजादी के 76 सालों में भी नहीं पहुंची सडक।

Which cricketer's village is in plight, where the road did not reach even in 76 years of independence.

देश की आजादी को 76 वर्ष हो चुके हों लेकिन उत्तराखंड में आज भी ऐसे गांव हैं जहां बुनियादी सुविधाओं के नाम पर महज जनता को सरकार द्वारा लुभावने वादे ही मिले हैं, उनमें से  एक गांव ऐसा भी हैं जहां से देश के लिए क्रिकेट की दुनिया में नाम रोशन करने वाला खिलाडी भी निकला है, लेकिन इस खिलाड़ी का गांव आज भी सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, कौन है वो खिलाड़ी जिनके गांव की जनता तरस रही है सरकार की नजरे इनायत के लिए और महज बुनियादी सुविधाओं की लगा रही है आस। 

 

ऋषभ पंत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर का पैतृक गांव पाली आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है। यहां के ग्रामीण लंबे समय से सड़क के निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऋषभ पंत कई सालों से गांव नहीं आए हैं अगर वह एक बार गांव आ जाएं तो सड़क भी बन जाएगी। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बीमार और बुजुर्गों को डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

क्रिकेटर ऋषभ पंत गंगोलीहाट विकासखंड के भेरंग पट्टी के पाली गांव के रहने वाले हैं। तहसील मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर भेरंग पट्टी के पाली गांव के लोग ऋषभ पंत के घर आने की राह देख रहे हैं। दशाईथल, आंवला घाट सड़क से दो किमी ढलान में बसे पाली गांव के अधिकतर परिवार सड़क नहीं होने के कारण गांव छोड़ चुके हैं। वर्तमान में गांव में सिर्फ 28 परिवार रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है भारतीय क्रिकेट टीम का सदस्य गांव में आएंगे तो प्रशासनिक अधिकारी से लेकर सीएम तक उनके गांव के विकास की ओर ध्यान देंगे। यहां तक की ऋषभ पंत का पुश्तैनी मकान जगह-जगह टूटने लगा है। लंबे समय से ऋषभ पंत का परिवार इष्ट देव की पूजा के लिए भी गांव नहीं आया।