नैनीताल:गुलाबी रंग में रंगा नैनीताल,आशा शर्मा की पिंक रैली ने जगाई स्तन कैंसर को लेकर जागरूकता!समय पर पहचान ही बचा सकती है जिंदगी
नैनीताल।
कैंसर के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर शनिवार को नैनीताल की सड़कों पर पिंक रैली निकली। आशा फाउंडेशन की ओर से आयोजित सातवीं पिंक रैली को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक मेहरा ने डीएसए मैदान से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रैली में नगर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ ही गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं निवेदिता कुकरेती भी कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहीं।

गुलाबी रंग के परिधानों में शामिल विद्यार्थियों और लोगों ने रैली के दौरान कैंसर के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। डीएसए मैदान से शुरू हुई रैली मालरोड होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और वापस डीएसए मैदान पहुंची। इसके बाद यहां पिंक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कैंसर से बचाव, समय रहते बीमारी की पहचान, जांच और उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।

आशा फाउंडेशन की संस्थापक आशा शर्मा ने कहा कि अक्टूबर को दुनिया भर में कैंसर जागरूकता अभियानों से जोड़कर देखा जाता है। विदेशों में इस दौरान शहरों को गुलाबी रोशनी से सजाने, पिंक मैराथन आयोजित करने और गुलाबी परिधानों के जरिए लोगों को जागरूक करने जैसे अभियान चलाए जाते हैं। इसी संदेश को नैनीताल में पिंक रैली के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं में होने वाला स्तन कैंसर गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है। जागरूकता के जरिए बीमारी के शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचानना और जांच व उपचार कराना संभव है। उनके अनुसार बीमारी की समय पर पहचान के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक है।
आशा शर्मा ने बताया कि आशा फाउंडेशन वर्ष 2019 से पिंक रैली और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उनका कहना है कि उत्तराखंड में नैनीताल ऐसा शहर है जहां स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए इस तरह की पिंक रैली का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद आयोजकों और विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और समय पर उपचार के लिए लोगों का अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच और शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज न करने की अपील की गई।

आशा फाउंडेशन की ओर से स्तन कैंसर के साथ सर्वाइकल कैंसर, महिला स्वच्छता और पेलिएटिव केयर को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। संस्था ग्रामीण क्षेत्रों और विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करने के साथ महिलाओं और छात्राओं को निशुल्क सैनिटरी पैड भी वितरित करती रही है। संस्था के अनुसार अब तक हजारों महिलाओं और छात्राओं तक यह अभियान पहुंच चुका है।

कार्यक्रम में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आलोक मेहरा,पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं निवेदिता कुकरेती विधायक सरिता आर्या, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, डॉक्टर दुग्ताल समेत शहर के तमाम गणमान्य लोग, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।