उत्तराखण्डः समझौते के बहाने घर बुलाया, फिर कर दी युवक की हत्या! वारदात के बाद इलाके में दहशत, पिता-पुत्र समेत तीन पर मुकदमा
रुड़की। भगवानपुर के गैस प्लांट कालोनी क्षेत्र में 24 वर्षीय युवक आदित्य राणा उर्फ आदि राणा की हत्या का मामला अब महज अचानक हुए विवाद से आगे बढ़कर सुनियोजित वारदात के रूप में सामने आ रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि पुराने विवाद का बदला लेने के लिए आदि राणा को समझौते और बातचीत के बहाने घर बुलाया गया और वहां उसे गोली मार दी गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी लक्की शर्मा उर्फ रोहित, उसके भाई राहुल शर्मा और पिता अनिल शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, भगवानपुर निवासी सागर ने तहरीर में बताया कि उसका भाई आदित्य राणा उर्फ आदि राणा एक अक्तूबर की रात करीब नौ बजे अपने दोस्तों के साथ फाइनेंस कलेक्शन के सिलसिले में भगवानपुर गया था। इसी दौरान फाइनेंस के काम को लेकर उसका लक्की शर्मा उर्फ रोहित से विवाद हो गया। दोस्तों और आसपास मौजूद लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हो गया था। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद लक्की शर्मा ने आदि राणा को फोन कर पुराना विवाद खत्म करने और आपस में बैठकर बातचीत करने की बात कही। इसी बहाने उसे अपने घर बुलाया गया। तहरीर के मुताबिक, आदि राणा अपने दोस्तों के साथ प्रताप कॉलोनी स्थित लक्की के घर पहुंचा। आरोप है कि घर के अंदर लक्की शर्मा अपने भाई राहुल शर्मा और पिता अनिल शर्मा के साथ मौजूद था। इसी दौरान आदि राणा ने लक्की के पास तमंचा देखा और इसको लेकर सवाल किया। बताया गया कि इस पर घर में मौजूद लोगों की ओर से उसे सामान्य बात बताते हुए तमंचा रखने की बात कही गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान ही मामला अचानक बिगड़ गया और लक्की शर्मा ने तमंचे से आदि राणा पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद आदि राणा गंभीर रूप से घायल होकर गिर गया।
घटना से मौके पर मौजूद उसके दोस्त भी सकते में आ गए। बताया गया कि कुछ देर पहले तक विवाद खत्म करने और बातचीत की बात हो रही थी, लेकिन अचानक हुई इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस जांच में आरोपियों की ओर से घटना के बाद एक अलग कहानी बताए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि पुलिस को यह सूचना दी गई कि आदि राणा अपने साथियों के साथ हथियार लेकर आया था और छीना-झपटी के दौरान गोली चलने से वह घायल हो गया। हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तो घटनाक्रम को लेकर कई सवाल सामने आए। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों तथा अन्य लोगों से पूछताछ की। आदि राणा के दोस्तों ने भी पुलिस को घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उनके अनुसार, गोली लगने के बाद आदि राणा में उस समय जीवन के संकेत थे। एक दोस्त ने आरोपितों से उसे अस्पताल पहुंचाने की गुहार भी लगाई। तहरीर के मुताबिक, दोस्त ने आरोपित से वाहन की चाबी देने और आदि को अस्पताल पहुंचाने की मिन्नत की, लेकिन आरोप है कि तत्काल मदद नहीं की गई। बाद में आदि राणा को उसके परिचित अस्पताल लेकर पहुंचे। सूचना मिलने के बाद सागर मौके पर पहुंचा और अपने दोस्त के साथ आदि राणा को मोटरसाइकिल से आरोग्यम अस्पताल ले गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक गोपाल दत्त भट्ट को सौंपी गई है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।