Oct 10, 2026 Login
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उत्तराखंड:अग्निपथ योजना-बवाल या कमाल?जगह जगह आक्रोश,सरकार के खिलाफ प्रदर्शन!क्या है अग्निपथ योजना? 4 साल अग्निवीर उसके बाद?

Uttrakhand: Agneepath scheme - ruckus or amazing? There is outrage everywhere, demonstration against the government! What is Agneepath scheme? 4 years after that Agniveer?

अग्निपथ योजना लागू करने के विरोध में देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे है। अग्निपथ योजना का विरोध धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है ,इस विरोध की आग उत्तराखंड भी आ पहुंची है। उत्तराखंड के कुछ जिलों में अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन होने लगा। बेरोजगार संगठनों के पदाधिकारियों, युवाओं और छात्रों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल लिया। अग्निपथ योजना के खिलाफ आक्रोशित लोगों ने राज्य के अलग अलग हिस्सों में पोस्टरों,बैनरों को फाड़ कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की,और मांग की कि इस योजना को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाए
इस मामले में देहरादून के समीप क्लेमेनटाउन स्थित सेना की 14 इन्फ्रेंटरी डिवीजन के जनरल जीएस चौधरी ने इस योजना को क्रांतिकारी करार देते हुए कहा कि इस योजना से सेना में भर्ती होने की ख्वाहिश रखने वाले युवा आत्मनिर्भरता की उड़ान भरेंगे।  उन्होंने कहा कि पहले साल सेना की जनरल ड्यूटी के लिए होने वाली भर्ती प्रक्रिया की ही तरह अग्निपथ योजना के अंतर्गत अग्निवीरों के लिए भर्ती होगी। कोशिश है कि पहली भर्ती प्रक्रिया अगले तीन माह के अंतर्गत की जाए। भर्ती प्रक्रिया पुरुष व महिला दोनों के लिए होगी। चयन सेना द्वारा निर्धारित कड़े मापदंडों पर ही होगी।पहली भर्ती में देशभर से 40 हजार युवाओं को बतौर अग्निवीर सेना में भर्ती किया जाएगा। चयनितों को पहले छह माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा, उसके बाद अगले साढ़े तीन साल वह सेना में तैनात रहेंगे। चार साल पूरे होने पर अग्निवीरों को स्थायी होने के लिए स्वेच्छा से आवेदन करने का अवसर मिलेगा। योग्यता व जरूरत पर 25 फीसदी तक रेगुलर कैडर के लिए चयनित होंगे।
चार साल की सैन्य सेवा के बाद जो युवा कार्यमुक्त होंगे उन्हें दूसरी नौकरी दिलवाने में सेना सक्रिय भूमिका निभाएगी। कहा कि सेना में अगर कोई चार साल काम कर लेगा तो उसकी प्रोफाइल मजबूत बन जाएगी और सरकारी या गैर सरकारी क्षेत्र ऐसे युवाओं को नौकरी देने में प्राथमिकता देंगे। राज्य सरकारों ने भी पुलिस और अन्य भर्तियों में इन युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है। इस मौके पर डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर तपन लाल साह, कर्नल जीएस विक्रांत मेहता व पीआईबी के एडीजी विजय कुमार भी मौजूद रहे।
सेना चाहती है कि उन्हें पहले से ट्रेड युवा सैनिक मिले, जिससे वर्तमान में जो आधुनिक तरीके से युद्ध हो रहे, उसमें वह दक्षता हासिल कर सके। इसके लिए आईटीआई संस्थानों के कोर्स में बदलाव की पहल की योजना भी है। आईटीआई में सेना के मतलब के कोर्स युवाओं को कराए जाएंगे। 
- जीएस चौधरी, मेजर जनरल जीजीओ 14 इंफ्रेंटरी डिवीजन


आइये जानते है क्या है अग्निपथ योजना जिस पर इतना बवाल हो रहा है।

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जून को ‘अग्निपथ’ नाम की योजना शुरू करने की घोषणा की। इसमें चार साल के लिए सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती होगी। योजना के तहत चुने गए युवाओं को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा और इस साल करीब 46 हजार युवाओं को सहस्त्र बलों में शामिल करने की योजना है
इस योजना के तहत हर साल करीब 45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा। ये भर्तियां मेरिट और मेडिकल टेस्ट के आधार पर की जाएंगी। चयनित युवाओं को चार साल के लिए सेना में सेवा देने का मौका मिलेगा। इन चार वर्षों में अग्निवीरों को 6 महीने की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी। अग्निवीरों को 30 हजार से 40 हजार महीना सैलरी और अन्य फायदे दिए जाएंगे। इन दौरान अग्निवीर तीनों सेनाओं के स्थायी सैनिकों की तरह अवॉर्ड, मेडल और इंश्योरेंस कवर पाएंगे। 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। अगर सेवा के दौरान शहीद या दिव्यांग हो गए, तो 44 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। चार साल पूरे होने के बाद 25 फीसदी को फिर सेना में 15 साल और सेवा करने का मौका मिलेगा। चार साल बाद जो अग्निवीर बाहर होंगे उन्हें सेवा निधि पैकेज के तहत टैक्स फ्री करीब 12 लाख रुपये एकमुश्त मिलेंगे।
सेना भर्ती के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्‍यता पूर्ववत ही रहेगी। 12वीं पास उम्‍मीदवार भर्ती के लिए पात्र होंगे. फिजिकल स्‍टैंडर्ड और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्‍ट के आधार पर ही उम्‍मीदवारों का चयन होगा, जो 4 वर्षों के लिए अग्निवीर के तौर पर सेना में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती का पहला बैच 2023 में आएगा
योजना के मुताबिक इंडियन आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में युवाओं की भर्ती चार साल के लिए होगी और उन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। आर्मी में सैनिक (जवान), नेवी में नाविक और एयरफोर्स में एयरमैन की जो भर्ती है, वो भर्तियां अब इस योजना के तहत होंगी। सरकार 4 साल युवाओं को आर्मी की ट्रेनिंग देगी,साथ मे सैलरी भी। 4 साल बाद सेना ही उन युवाओं को दूसरी नौकरी दिलवाने में मदद करेगी,इन 4 सालो में जिसका प्रदर्शन अच्छा रहेगा वो स्थायी रूप से सेना के लिए आवेदन करेंगे तो उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।योग्यता के आधार पर रेग्युलर कैडेट के लिए चयनित होंगे।