उत्तराखंड/उत्तर प्रदेश:अवैध तरीके से अरबों की जमीन हड़पने के आरोप में उत्तराखंड के नौकरशाहों के संबंधियों पर एफआईआर दर्ज़ फ़ेमस भू माफिया यशपाल तोमर से जुड़ा है मामला
उत्तराखंड की नौकरशाही से जुड़ी बहुत बड़ी खबर सामने आई है जिसमे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के दादरी थाने में एक एफ आई आर दर्ज़ हुई है जिसमें ग्रेटर नोएडा के चिटहर गाँव की पट्टे की जमीन को आपसे साँठ गांठ कर खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है । उत्तर प्रदेश में यशपाल तोमर के साथ जमीन खरीद-फरोख्त में उत्तराखंड के ब्यूरोक्रेट्स के परिजनों के शामिल होने की बात कही जा रही है । दादरी में पुलिस द्वार लिखी एफ आई आर के अनुसार पंकज निर्वाल ने शिकायत में कहा है कि चिटहेरा गाँव की भूमि प्रबन्धक समिति ने 282 व्यक्तियों को कृषि भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव 1997 में उप जिला अधिकारी के माध्यम से स्वीकृत करवाया जिनमें भू माफिया यशपाल तोमर शासन और प्रशासन के साथ मिली भगत करके सैकड़ों भीगा जमीन अपने गाँव के ही जानने वाले कर्मवीर बेलू और कृष्णपाल के नाम करा दी और इसके बाद अपने ही नौकर मालू को पावर ऑफ अटॉर्नी दिलवा दी ।
जमीन खरीद फरोख्त में कई कमियाँ उजागर होने के बाद जब जमीन यशपाल तोमर के व्यक्तियों के नाम नहीं हो पायी तो यशपाल तोमर ने अधिकारियों से मिलीभगत कर जमीन की फाइल हापुड़ एडीएम के पास पहुँचकर जमीन के पट्टे बहाल करवा लिए और इन पट्टों को संक्रमणीय भूमि में भी बदलवा दिया गया । इसी जमीन पर सरकार से मुआवजा भी लिया गया और जो जमीन अनुसूचित जाति की थी उसे अवैध तरीके से सामान्य जाति को बेच दिया गया इस पूरी प्रक्रिया में कई शासन और प्रशासन के भ्रष्टाचार की एक लंबी कहानी एफआईआर के माध्यम से पता लगती है । एफआईआर के अनुसार अपर आयुक्त मेरठ के द्वारा स्थगन आदेश के बावजूद कुछ जमीन पर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण से मुआवजा भी लिया गया । एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि यशपाल तोमर के जरिए उत्तराखंड के नौकरशाहों के परिजनों ने या जमीन खरीदी जिसमे कई ब्यूरोक्रेट्स के परिजनों के नाम शामिल है।
गौतम बुद्ध नगर के दादरी थाने में यशपाल तोमर ,नरेंद्र कुमार ,कर्मवीर,बैलू,कृष्णपाल, एम भास्करन ,के एम संत उर्फ खचेमल ,गिरीश वर्मा और सरस्वती देवी पर आईपीसी की धारा 420 467 468 471 में मुकदमा पंजीकृत हुआ है । एफआईआर में उत्तराखंड के सचिव मुख्यमंत्री मीनाक्षी सुंदरम के ससुर एम भास्करन, उत्तराखंड के प्रभारी सचिव और निदेशक खनन बृजेश संत के पिता के एम संत खचेरमल, उत्तराखंड के पुलिस ट्रेनिंग निदेशक राजीव स्वरूप की माता सरस्वती देवी का नाम शामिल है। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि उत्तराखंड के ये नौकरशाहों ने यशपाल तोमर की हरिद्वार में रहते हुए मदद की है और ग्रेटर नोएडा में जमीन की खरीद फरोख्त अपने परिजनों के नाम की है ।
एक नजर डाले तो आईएएस आर मीनाक्षी सुंदरम जो हरिद्वार में जिला अधिकारी रह चुके हैं। उत्तराखंड के पुलिस ट्रेनिंग निदेशक आईपीएस राजीव स्वरूप दो बार हरिद्वार में पुलिस कप्तान रह चुके हैं, आईएएस बृजेश कुमार संत के पिता के एम संत हरिद्वार के डीएम रह चुके हैं और आईएएस ब्रजेश संत हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी रह चुके हैं । अब जांच में ही साफ हो पाएगा कि अवैध जमीन के पीछे का सच क्या है । बहरहाल उत्तराखंड सचिवालय में इस मामले के बाद हड़कंप मचा हुआ है।







