Oct 11, 2026 Login
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बड़ी खबरः नेपाल में फिर कुदरत का कहर! बुढ़ी गंडकी नदी का विकराल रूप, अचानक आई बाढ़ में कई मकान बहे! गांवों में मची अफरा-तफरी

Breaking News: Nature’s fury strikes Nepal again! The Budhi Gandaki River rages; sudden floods sweep away numerous houses! Chaos erupts in the villages.

गोरखा। नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बुढ़ी गंडकी नदी ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ ही पानी के तेज बहाव में मिट्टी और मलबा आने लगा। देखते ही देखते नदी किनारे बसे कई मकान इसकी चपेट में आकर बह गए। अचानक आई बाढ़ से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, मकानों के बहने और अन्य संभावित नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है। जानकारी के अनुसार, बाढ़ की इस घटना के पीछे ऊपरी क्षेत्र में हुआ भूस्खलन कारण हो सकता है। आशंका है कि भूस्खलन के कारण नदी के प्रवाह में रुकावट पैदा हुई और पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया। इससे नदी में अस्थायी बांध जैसी स्थिति बन सकती है। बाद में यह अवरोध टूटने से पानी और मलबे का तेज बहाव निचले इलाकों की ओर बढ़ गया होगा। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्ट में चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र के सिउरिबास के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद बुढ़ी गंडकी नदी में अचानक पानी और मलबे का बहाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों को मिली सूचना के अनुसार, जगत क्षेत्र में नदी किनारे बने पांच से सात मकान बह गए हैं। इसके अलावा नदी के निचले हिस्सों में भी कुछ अन्य घरों के बहने की खबर मिली है। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। शुरुआती सूचनाओं के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने मकान बाढ़ की चपेट में आए हैं और किन बस्तियों में सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। नदी में पानी और मलबे का बहाव तेज होने के कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, रविवार तड़के करीब चार बजे से ही बुढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा था। कुछ ही समय में नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि पानी की आवाज दूर तक सुनाई देने लगी। अचानक बदले हालात ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया। पानी के साथ मिट्टी और मलबा आने की सूचना मिलने के बाद संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने भी तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए। बुढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ की वजह को लेकर फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन को आशंका है कि चेकेम्पार क्षेत्र में किसी कारण से नदी का सामान्य प्रवाह बाधित हुआ होगा। ऊपरी क्षेत्र में भूस्खलन होने के कारण मिट्टीए पत्थर और मलबा नदी में जमा हुआ होगा, जिससे पानी का रास्ता अस्थायी रूप से रुक गया होगा। ऐसी स्थिति में नदी में पानी जमा होने से अस्थायी बांध जैसी संरचना बन सकती है। यदि यह अवरोध अचानक टूटता है तो जमा हुआ पानी और मलबा तेजी से निचले क्षेत्रों की ओर बढ़ सकता है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने रविवार सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर चेतावनी जारी की। अलर्ट में बताया गया कि चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 की ओर से बुढ़ी गंडकी नदी में बाढ़ का बड़ा प्रवाह आ रहा है। चेतावनी में लोगों से अपील की गई कि बाढ़ का पानी गुजरने तक त्रिशूली दोभान तक नदी के आसपास न जाएं। साथ ही सुरक्षित और ऊंचाई वाले स्थानों पर रहने की सलाह दी गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए आरुघाट स्थित क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय ने भी सुरक्षा संबंधी सलाह जारी की। पुलिसकर्मियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से नदी किनारे बसे लोगों तक चेतावनी पहुंचाई और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा। प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार लोगों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के कारण किसी तरह की जनहानि न हो।