Oct 11, 2026 Login
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CJP Protest: अभिजीत दिपके, सौरव दास और रांका को शर्त के साथ मिली रिहाई! दिल्ली में आज भी भारी फोर्स तैनात, चप्पे-चप्पे पर रखी जा रही नजर

CJP Protest: Abhijit Dipke, Sourav Das, and Ranka released with conditions! Heavy security force deployed in Delhi today; a close watch is being kept on every nook and corner.

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं को रविवार को अदालत से राहत मिल गई। कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने तीनों को अगले एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अशांति फैलाने वाली गतिविधियों से दूर रहने की शर्त पर रिहा किया है। उधर, प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी रिहा किए जाने की जानकारी सामने आई है। वकील रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए CJP नेताओं की रिहाई की जानकारी साझा की। अदालत ने स्पष्ट किया कि तीनों नेताओं को निर्धारित अवधि के दौरान शांति बनाए रखनी होगी और ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होना होगा, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।

रिहाई की खबर सामने आने के बाद CJP ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने लिखा, 'आखिरकार दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करना पड़ा। कॉकरोच कभी नहीं मरते।' CJP के नेता शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले थे। हालांकि, प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने अभिजीत दिपके और उनके दोनों साथियों को विमान से हिरासत में ले लिया था। दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। प्रशासन की ओर से निषेधाज्ञा और कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रतिबंधों के बीच प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया था। रविवार को उन्हें भी रिहा कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि वह निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए दोबारा जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें फिर से हिरासत में लिया जा सकता है। प्रदर्शन को लेकर रविवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल की तरफ कुछ प्रदर्शनकारियों के मौजूद होने की सूचना मिली। वहीं, डीडीयू मार्ग से चार और अशोक रोड से दो से तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। सुप्रीम कोर्ट के आसपास भी भीड़ जुटने पर प्रतिबंध के मद्देनजर भगवान दास रोड पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। पुलिस की कोशिश है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ एकत्र न हो और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न होने पाए। प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।

इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो दोबारा साझा किया जा रहा है, जिसमें एक व्यक्ति खुद को दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताते हुए दावा करता है कि उसने विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उसके रिकॉर्ड की जांच में वीडियो में बताए गए विवरण से मेल खाने वाले किसी सब-इंस्पेक्टर की जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने इस दावे को असत्यापित और गुमराह करने वाला बताया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले में 24 जुलाई 2026 को भी स्पष्टीकरण जारी किया गया था। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भ्रामक सामग्री बनाने या फैलाने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक और सत्यापित जानकारी पर भरोसा करें तथा बिना पुष्टि किए किसी भी वीडियो या दावे को साझा करने से बचें।