उत्तराखण्ड: केदारनाथ धाम में वायरल वीडियो से व्यवस्था पर सवाल! कथित वसूली के आरोपों पर यात्रियों का हंगामा, मंदिर प्रांगण में रील बनाने का वीडियो वायरल
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में देशभर से श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इसी बीच सामने आए दो वायरल वीडियो ने धाम की व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वीडियो में कुछ यात्री पूजा-पाठ और दर्शन के नाम पर कथित तौर पर धनराशि मांगे जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा करते नजर आ रहे हैं। वहीं, दूसरे वीडियो में मंदिर प्रांगण में डांस करते हुए रील बनाए जाने का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो के बाद बीकेटीसी ने कार्रवाई की बात कही है।
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु आस्था लेकर बाबा केदार के दरबार में पहुंच रहे हैं। लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दो वीडियो ने धाम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले वायरल वीडियो में कुछ तीर्थ यात्री कथित तौर पर पूजा-पाठ और दर्शन के नाम पर धनराशि मांगे जाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।
यात्रियों ने धार्मिक आस्था के नाम पर कथित मनमानी वसूली पर नाराजगी जताई और पूजा-अर्चना से जुड़ी शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की।
हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पंडा समाज की ओर से भी फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के बयान और जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
वहीं, दूसरे वायरल वीडियो ने केदारनाथ मंदिर की गरिमा और परिसर में लागू मोबाइल एवं वीडियोग्राफी संबंधी नियमों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कुछ लोग मंदिर प्रांगण में डांस करते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि केदारनाथ जैसे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक धाम में नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। सोशल मीडिया कंटेंट के नाम पर मंदिर की धार्मिक मर्यादा प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान ने कहा कि मंदिर समिति की ओर से इन मामलों में कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से यात्रा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तीर्थ यात्रियों से भी धार्मिक महत्ता को समझते हुए संयम बनाए रखने की अपील है।
फिलहाल वायरल वीडियो के बाद बीकेटीसी और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है। सवाल यह है कि श्रद्धालुओं से जुड़ी पूजा-पाठ एवं शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी और मंदिर प्रांगण में रील व अन्य अनुचित गतिविधियों पर किस तरह प्रभावी नियंत्रण लगाया जाएगा।
केदारनाथ धाम की धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इन मामलों में अब ठोस कार्रवाई का इंतजार है।