उत्तराखण्ड हाईकोर्ट की सख्तीः लीसा कारोबार में स्टांप ड्यूटी वसूली मामले में सरकार को झटका! अवमानना याचिका पर वन सचिव को 30 दिन में आदेश का अनुपालन करने के निर्देश
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में वन विभाग द्वारा दो प्रतिशत स्टांप ड्यूटी के प्रावधान के खिलाफ सरकार ने एक प्रतिशत ड्यूटी वसूली को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने वन सचिव को 30 दिनों में आदेश का अनुपालन कर 16 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 16 नवंबर की तिथि नियत की है। बता दें कि न्यू टेक ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि वन विभाग के नियमों में लीसा निकालने के लिए दो प्रतिशत स्टांप ड्यूटी लेने का प्रावधान था, लेकिन सरकार ने याचिकाकर्ता से एक प्रतिशत ड्यूटी ली थी। इसे 2015 में ही सिंगल जज के यहां चैलेंज किया गया, जो उसी साल स्वीकार कर ली गई थी। जिसके बाद सरकार ने स्पेशल अपील दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट गई, वहां भी एसएलपी खारिज हो गई। एसएलपी खारिज होने के बाद सरकार ने स्पेशल अपील में ही मोडिफिकेशन एप्लीकेशन दायर की, जिसे सुनने के बाद हाईकोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया। याचिकाकर्ता का कहना था कि 2015 में जो ड्यूटी उनसे ली गई थी, वह नियमों के विपरीत थी और कोर्ट ने उसी साल सरकार को अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस करने के निर्देश दे दिए थे।